वाराणसी में धान की नकली बीज के खुलासे के बाद जिले में भी कृषि विभाग के अधिकारियों ने एक सप्ताह पूर्व दो -तीन दिनों तक अभियान चलाकर छापेमारी की । इस दौरान नकली बीज का संदेह होने पर 39 नमूने लेकर प्रयोगशाला के लिए भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट आने पर कार्रवाई होगी।इस समय किसान धान की नर्सरी डालने में जुटे हुए हैं। कई किसान डंकल धान तो कई किसान सामान्य प्रजातियों की नर्सरी डाल रहे हैं।
जनपद में डंकल धान के बीजों की बिक्री कृषि विभाग से संबंधित छह कंपनियों द्वारा सरकारी बीज गोदामों पर कैंप लगाकर बेचने का कार्य किया जा रहा है। इसमें बायर कंपनी, प्वाइनियर, धान्या, बीएनआर व एराई आदि हैं। जिनको 4100 कुंतल डंकल बीज बिक्री करने का लक्ष्य है।
अभी तक उक्त कंपनियों ने मात्र 150 कुंतल ही बीज बेचे हैं। उधर कृषि विभाग द्वारा भी सामान्य प्रजातियों के कुल 900 कुंतल बीजों की बिक्री करने का लक्ष्य रक्षा गया है। जिसमें स्वर्णा सब वन, नरेंद्र 2008, नरेंद्र 2064, पूसा बासमती, एच मालवीय 4-3 व सुगंधा 105 प्रजाति के बीज हैं।
अभी तक 375 कुंतल धान की बिक्री की गई है। लगभग जिले में 600 प्राइवेट बीज केंद्र हैं, जहां से किसान धान के बीज खरीद रहे हैं। अगर किसानों को नकली धान का बीज मिल जाएगी तो उनको आर्थिक नुकसान भी होगा। इससे बेखबर विभाग चुप्पी साधे हुए है। किसानों को धान का बीज नकली मिल रहा है या फिर असली। इसकी जांच विभाग द्वारा नहीं की जा रही है।