जलालपुर क्षेत्र में स्थित पोखरे को पाटकर की जा रही खेती।
जिले की गोमती, सई पीली सहित पांचों नदियां और दो हजार तालाबों पर अतिक्रमण लोगों ने कर रखा है। शिकायतों के बाद बदलापुर क्षेत्र में 77 एकड़ भूमि तो खाली करा ली गई, लेकिन मछलीशहर में पांच तालाब और दो भीटों पर 67 लोगों का नाम खारिज करने के बाद भी प्रशासन 22 बीघा जमीन से अतिक्रमण नहीं हटा पाया है।
कमोवेश यही स्थिति जलालपुर इलाके की भी है। यहां हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन खालिसपुर कला में तालाब की 14 बीघा जमीन से अतिक्रमण नहीं हटा पा रहा है। यह तो बानगी भर है जिले में हजारों की संख्या में तालाबों का अस्तित्व मिटने के कगार पर है।
लोगों ने जमीनों पर कब्जा कर के बिल्डिंगें खड़ी कर लिया है। गौराबादशाहपुर क्षेत्र के यूनियन बैंक स्थित पोखरा, आदर्श गांव आरा में तालाब पर कब्जे की शिकायत कई बार लोगों ने की, लेकिन प्रशासन उसे नहीं हटवा पाया। बदलापुर इलाके के भोसिला गांव में 77 एकड़ जमीन पर सैकड़ों लोगों ने कब्जा कर रखा था।
तालाब का अस्तित्व मिटाकर खेत बना लिया गया था। लेकिन एसडीएम ममता मालवीय के प्रयास से छह माह पहले कब्जा हटाया गया। मछलीशहर में पांच तालाबों और दो भीटों का अस्तित्व मिटाकर 67 लोगों ने कब्जा कर अपना नाम भी अभिलेखों में चढ़वा लिया था।
एसडीएम विजय बहादुर सिंह ने नाम खारिज तो कर दिया लेकिन 22 बीघा जमीन पर कब्जा हटाने से पहले ही भू माफियाओं ने उनका स्थानांतरण करा दिया। जलालपुर के खालिसपुर कला में 14 बीघा तालाब की जमीन को पाटकर खेत बना लिया गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन इसे खाली नहीं करा पा रहा है।