बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा बुधवार को जिले के 68 केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से हुई। परीक्षा के लिए कुल 29 हजार 200 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 27 हजार 401 परीक्षा में शामिल हुए। 1799 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दिया। परीक्षा दो पालियों में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली में दो से पांच बजे तक कराई गई। शाम को परीक्षा छूटने के बाद शहर में पूरा जाम लग गया। शाम करीब सात बजे तक पूरा शहर जाम में फंसा रहा। जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। हाइवे पर जाम लगने के कारण यात्रियों को खासी फजीहत उठानी पड़ी। सुरक्षा को देखते हुए सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस तैनात की गई थी।
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए 27 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 68 स्टैटिक मजिस्ट्रेट व 136 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व राम प्रकाश ने बताया कि परीक्षा दोनों पाली में शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों की निगरानी में लगे रहे। परीक्षा केंद्रों पर महिला पुलिस की भी तैनाती की गई थी। परीक्षा सीसी टीवी कैमरे की निगरानी में कराई गई। केन्द्र के भीतर मोबाइल एवं किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रानिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा छूटने के बाद शाम को किसी तरह से लोग गली कूचे से होकर निकले। देर शाम तक पूरा शहर जाम से हांफता रहे। परीक्षा को देखते हुए सभी तिराहों और चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था पर नजर रखने के लिए पुलिस तैनात रही।
प्रसव के लिए महिला को ले जा रही एंबुलेंस फंसी
करंजाकला। बीएड प्रवेश परीक्षा छूटने के बाद परीक्षार्थियों को जाम का सामना करना पड़ा। उसी बीच जाम में घंटों एंबुलेंस भी फंसी रही। आदमपुर रेलवे क्रॉसिंग से लेकर सिद्धीकपुर तक पूरी तरीके से जाम में फंसे रहे। जाम के बीच प्रसव को लेकर जा रही एंबुलेंस घंटों भीड़ में श्यारन बजाती रही, लेकिन राहत नहीं मिली। किसी प्रकार से जाम खाली नहीं हो पाया। जाम के दौरान पुलिस प्रशासन की पूरी तरीके से फेल नजर आता दिखा।