मीरगंज(जौनपुर)। छुट्टा पशुओं से परेशान लासा गांव के ग्रामीणों ने पशुओं को प्राथमिक स्कूल परिसर में बंद कर विरोध जताया। बुधवार को सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे तो विद्यालय में ताला बंद था। शिक्षकों ने बगल स्थित साधन सहकारी समिति परिसर में छात्रों का पठन- पाठन शुरू कराया। सूचना मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी व थानाध्यक्ष वहां पहुंच गए। ग्रामीण समझा कर दोपहर 12 बजे स्कूल का ताला खुलवाया।
मछलीशहर ब्लाक के लासा गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार की रात छुट्टा पशुओं को प्राथमिक स्कूल में बंद करके गेट में ताला बंद कर दिया। सुबह स्कूल खुलने का समय हुआ तो बच्चे व अध्यापक पहुंचे तो इसकी जानकारी हुई। शिक्षकों ने इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी। सुबह साढे़ दस बजे खंड शिक्षा अधिकारी मछलीशहर शैलपति यादव व प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रोहित यादव पहुंचे और समझाने की कोशिश की लेकिन ग्रामीण कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। बच्चों की पढ़ाई बगल स्थित साधन सहकारी समिति परिसर में कराई गई। ग्रामीणों की मांग थी कि की उप जिलाधिकारी मछलीशहर को बुलाया जाए। सूचना मिलने पर एसओ मीरगंज अवध नाथ यादव मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाया बुझाकर शांत कराया। इसके बाद दोपहर 12 बजे विद्यालय का ताला खोला गया। पशुओं को स्कूल परिसर से बाहर निकालने के बाद पठन-पाठन कार्य शुरू हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि छुट्टा पशु उनकी फसल को चौपट कर रहे हैं। जिससे किसानों के पास संकट उत्पन्न हो गया है। फसल के बचाव के लिए सरकार पशुओं के लिए पशुशाला की व्यवस्था कराए ताकि फसलों की सुरक्षा हो सके।