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रोगों से छुटकारा पाने के लिए कराई जाती है प्रार्थना

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जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में स्थित गिरिजाघर में रोगों से छुटकारा पाने के लिए प्रार्थना सभा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। एसपी से कुछ लोगों ने चंगाई सभा में धर्मांतरण कराने की शिकायत की थी। उन्होंने सोमवार को मौका मुआयना किया लेकिन धर्म परिवर्तन की पुष्टि नहीं हो सकी है। जिले में पहले हुई धर्म परिवर्तन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने इस पर निगाह रखनी शुरू कर दी है।
भूलनडीह गांव में गिरिजाघर स्थापित है, जिसका संचालन दुर्गा प्रसाद यादव करते हैं। उनका कहना है कि यहां चंगाई सभा होती है, जिसमें लोग अपने घर से तेल और पानी लेकर आते हैं। प्रार्थना के बाद वे पानी और तेल अपने साथ लेकर जाते हैं और उसका इस्तेमाल दवा के रूप में करते हैं। इससे लोगों को लाभ भी होता है। रविवार और मंगलवार को होने वाली प्रार्थना सभाओं में हजारों की संख्या में लोग भाग लेते हैं। इसमें आसपास के कई जिलों के लोग शामिल होते हैं। मंगलवार को प्रार्थना सभा में गाजीपुर से आए रामजीत राजभर ने बताया कि उनकी याददाश्त कमजोर हो गई थी। उसके इलाज के लिए यहां आने लगे। चार साल से नियमित यहां आने लगा। रजला नियार वाराणसी निवासी तेज बहादुर सिंह, ऊषा देवी निवासी बोडसर थाना चंदवक समेत कई लोग यहां बीमारी से छुटकारा पाने की गरज से आते हैं। कुछ लोगों ने एसपी से शिकायत की थी कि यहां चंगाई के बहाने धर्मांतरण कराया जाता है। इस पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक दिनेश पाल जांच करने पहुंचे थे।एसपी दिनेश पाल सिंह का कहना है कि सीओ सिटी को जांच सौंपी गई है। अभी तक की जांच में धर्म परिवर्तन जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। वहां ईसा मसीह के नाम से प्रार्थना जरूर की जाती है, जिसमें बढ़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। मुख्य पुजारी दुर्गा प्रसाद यादव का कहना है कि उन्हें कुष्ट रोग हो गया था। कई सालों तक इलाज कराने के बाद भी फायदा नहीं हुआ। वर्ष 2011 में वे ईसाई मतावलंबियों से संपर्क में गए। उनकी प्रार्थना सभाओं में जाने लगे और उनकी बीमारी ठीक हो गई। घर लौटने के बाद उन्होंने खुद प्रार्थना करनी शुरू की। धीरे-धीरे लोग उनसे जुड़ते गए। अब हजारों की संख्या में आस्थावान आते हैं। उनके लिए ईसा मसीह के नाम से सबको रोग से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की जाती है।
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प्रार्थना में आने वालों को दी जाती है बाइबल
डोभी। प्रार्थना सभा में पहली बार आने वाले लोगों को बाइबल और ईसा मसीह की तस्वीर दी जाती है। चंदवक थाना क्षेत्र के मझली गांव की दलित बस्ती की कुछ महिलाओं की माने तो बाइबल देने के साथ यह भी कहा जाता है कि पहले से अगर घर में किसी देवी देवता की फोटो हो तो उसे बाहर कर दें। दलित बस्ती के कई घरों से देवी देवताओं की तस्वीर निकाल दी गई है।
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