जौनपुर। तीन नगर पालिका और छह नगर पंचायत क्षेत्रों में होने वाले चेयरमैन और सभासद पदों के चुनाव में भाजपा सहित अन्य दलों के सांसद, विधायकों एवं संगठन की परीक्षा भी होगी। परिणाम आने के बाद जहां कई लोगों की कुर्सी जा सकती है वहीं भविष्य में पार्टियां ऐसे लोगों को टिकट न देने का निर्णय भी सकती हैं। सभी पार्टियों ने अपने निर्णय से नेताओं को अवगत करा दिया है।
जौनपुर, शाहगंज, मुंगराबादशाहपुर नगरपालिका परिषद और छह नगर पंचायत मड़ियाहूं, मछलीशहर, केराकत, खेतासराय, जफराबाद और बदलापुर में चेयरमैन तथा सभासद पद के लिए चुनाव 29 नवंबर को होना है। नामांकन का कार्य पूरा कर लिया गया है। चुनाव चिह्न 14 नवंबर को सभी को मिल जाएगा। चुनाव में मान मनौव्वल का दौर शुरू हो गया है। जो जनप्रतिनिधि एवं संगठन के लोग अपने चहेतों के लिए टिकट मांग रहे थे लेकिन उनकी एक न सुनी गई। अब वे नाराजगी में टिकट पाने वाले प्रत्याशियों को हराने की साजिश में जुटे हैं। इसकी भनक संगठन को भी लगी है। प्रदेश नेतृत्व ने अपने-अपने दलों के नेताओं को निर्देशित किया है कि यह चुनाव 2019 का भविष्य तय करेगा। ऐसे में चुनाव में जो भी भितरघात या साजिश करेगा, उसके खिलाफ संगठन कार्रवाई करेगा।
भाजपा के दो सांसद, सहयोगी दल सहित पांच विधायक हैं। इसमें सदर विधायक गिरीशचंद्र यादव प्रदेश में नगरीय विकास राज्यमंत्री हैं। इसी तरह सपा में तीन विधायक एवं बसपा की एक विधायक के सामने अपने-अपने प्रत्याशियों को जिताना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसमें कुछ तो पहले से ही अपनी प्रतिष्ठा झोंक हैं लेकिन कुछ भितरघात की वजह से चाहते हैं कि पार्टी उन्हें उनके विधानसभा से हटाकर जिम्मेदारी सौंपे। पार्टी के नेताओं को उनकी चालाकी की भनक मिल गई है। ऐसे में परिणाम बेहतर नहीं आने पर उनके ऊपर गाज गिर सकती है। खास कर प्रदेश के मंत्रियों के लिए सीएम ने चेतावनी भी जारी कर दिया है।