जौनपुर। अपनी बहन को बचाने के लिए सुनीता निवासी गोलनापुर रो पड़ी। उसे दो यूनिट खून की जरूरत थी। लोगों ने पूछा तो उसने बताया कि उसकी बहन अनीता जिला अस्पताल में भर्ती है। उसे खून की जरूरत है। उसका कोई सहारा नहीं है। मां-बाप भी नहीं हैं। ऐसे में गौराबादशाहपुर का शीशवंश सिंह छोटू और एक अन्य रक्तदाता ने अपना कार्ड ब्लड बैंक को देकर युवती को खून मुहैैया कराया। इसी तरह बदलापुर तहसील के मिठुआकला निवासी संध्या देवी को भी खून की जरूर थी। जिन्हें एक यूनिट रक्त मुहैैया कराया गया।
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ब्लड बैंक की टीम का रहा सहयोग
जौनपुर। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल के ब्ल्ड बैंक में आयोजित रक्तदान शिविर को सफल बनाने में ब्लड बैंक टीम का काफी सहयोग रहा। सुबह आठ बजे ही ब्लड बैंक के प्रभारी डा. सैन दास, हृदय कुमार कुशाहा, आलोक मणि, सालिनी मौर्या, दीक्षाराय, अंकित राय, पंकज कुमार, साकेत प्रधान अस्पताल आ गए। और शाम छह बजे तक पूरी तनमयता से लगे रहे।
एसडीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
जौनपुर। रक्तदान करने वाले लोगों को एसडीएम प्रियंका प्रियदर्शनी ने अमर उजाला की तरफ से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि मैने कभी रक्तदान नही किया है। मेरे साक्षात्कार में भी यह प्रश्न पूछा गया था कि आपने रक्तदान कभी किया की नही है। उन्होंने कहा कि रक्तदान नही करने की वजह से मुझे नंबर कम मिले। लेकिन अमर उजाला की पहल ने मुझे रक्तदान के लिए विवश कर दिया है। क्योंकि लोगों की जिंदगी बचाना सबसे बड़ा पुनीत कार्य है।
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रक्तदान नही करने की रह गई कसक
जौनपुर। रक्तदान करने के लिए खेतशासराय से बीस से अधिक एनसीसी के कैडेट्स आए थे। जिसमें दो कैडेट ही रक्तदान कर सके। डाक्टरों ने उम्र कम बताकर 18 कैडेट को वापस कर दिया। प्रधानाचार्य अनिल उपाध्याय अपने साथ लेकर उन्हें जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने अगले साल के लिए रक्तदान करने का निर्णय लिया।