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सीवर लाइन बिछाने में देर पर फिर प्रतिमाह साढ़े 14 लाख जुर्माना

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सीवर पाइप लाइन बिछाने में सुस्ती और लापरवाही कंपनी को भारी पड़ने लगी है। फजीहत झेल रही जनता की ओर से लगातार मामला उठाने के बाद अब अधिकारी भी सक्रिय हुए हैं। कंपनी पर साढ़े 14 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से एक और जुर्माना लगाया गया है। आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण के पिछले चार माह से सीवर लाइन बिछाने का काम ठप रखा गया है। योजना की प्रगति इतनी धीमी है कि महज 30 किमी ही सीवर लाइन अब तक बिछाई जा सकी है।
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अमृत योजना के तहत करीब 208 करोड़ की लागत से शहर क्षेत्र में 159 किमी सीवर पाइप लाइन डाली जानी है। कार्यदायी संस्था जल निगम ने इसका ठेका टेक्नोक्राफ्ट कंपनी को सौंपा है। कंपनी को अक्तूबर 2021 तक काम पूरा करना है। कंपनी ने अक्तूबर 2019 में सीवर लाइन बिछाने की शुरुआत की थी। पहले शहर के बाहरी इलाकों व कालोनियों में सीवर पाइप लाइन डाली जा रही है। अक्तूबर 2019 से अब तक सिर्फ 30 किमी तक ही सीवर पाइप लाइन डाली जा सकी है। पिछले चार महीने से यह काम भी ठप है। कालोनियों में जगह-जगह सड़क खोदकर छोड़ा गया है। खानपुर अकबरपुर में 4.39 एमएलडी का पंपिंग स्टेशन का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए जल निगम ने साढ़े 14 लाख रुपये प्रतिमाह की दर से कंपनी पर जुर्माना लगाया है। जुर्माने की गणना तब तक के लिए की जाएगी, जब काम समय सीमा के अनुसार सुचारु नहीं हो जाता। ज्ञात हो, इसके पहले भी कंपनी पर चार लाख रुपये जुर्माना खोदी गई सड़कों की मरम्मत में देर होने पर लगाया गया था। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता का कहना है कि सीवर पाइप लाइन नहीं डालने और प्रगति खराब रहने के कारण फर्म के खिलाफ साढ़े 14 लाख प्रतिमाह के हिसाब से जुर्माना लगाया गया है। चार माह से सीवर पाइप डालने का कार्य नहीं किया गया है।
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