उरई। दस साल पहले युवक के साथ मारपीट कर अपमानित करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट ने दोषी को तीन साल का कैद सुनाई है। साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
आटा थाना क्षेत्र के कुसमरा गांव निवासी कल्लू ने 22 जुलाई 2016 को आटा थाने में तहरीर देकर बताया था कि गांव के ही बट्टान पाल ने शराब के नशे में दुकान जाते समय उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि गालीगलौज का विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट कर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। घटना में उसे गंभीर चोटें आई थीं।
पुलिस ने मामले में मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के तहत आठ दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के बाद पुलिस ने 26 अगस्त 2016 को एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सोमवार को सुनवाई पूरी होने के बाद दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने आरोपी बट्टान पाल को दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।