उरई। बुखार से पीड़ित युवक की झांसी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार की रात इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने माधौगढ़ कोतवाली में कस्बा के ही एक झोलाछाप पर इंजेक्शन के जरिये गलत दवा देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के बोहरा गांव निवासी रामस्वरूप ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। इसमें बताया कि सात जुलाई को उसके पुत्र शिवम उर्फ देव प्रकाश को बुखार आ गया। इस पर उसने कस्बे के ही रहने वाले झोलाछाप को फोन पर जानकारी दी।
झोलाछाप ने उसे एक बोतल चढ़ाई और उसमें इंजेक्शन के जरिये कुछ दवाएं डाल दिए। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। यहां गंभीर हालत होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहां भी जब उसे आराम नहीं मिला तो डॉक्टर ने झांसी ले जाने की सलाह दी। इस पर परिजन उसे रात में झांसी ले गए।
शुक्रवार को युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता रामस्वरूप का आरोप है कि झोलाछाप अरुण सिंह ने इंजेक्शन के जरिये दवा दी थी। इससे ही बेटे की मौत हुई है।
कोतवाल बृजेश बहादुर सिंह का कहना है कि झोलाछाप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश की जा रही है। शीघ्र ही उसे पकड़ा जाएगा। ताकि यह स्पष्ट हो सके कि झोलाछाप ने इंजेक्शन के जरिये युवक को कौन की दवा दी थी। इस मामले में पूछताछ की जा रही है।
मरीज जब सीएचसी लाया गया तो हालत गंभीर थी और उसकी पल्स बहुत कम थी। हम उरई मीटिंग में आए थे, डॉ. कुलदीप ने मरीज को देखकर इलाज के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
डॉ. मनीष राजपूत, माधौगढ़ सीएचसी प्रभारी
हमारे पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। कोई शिकायत आएगी तो संज्ञान लिया जाएगा। वैसे भी समय-समय पर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
डॉ. एनडी शर्मा, सीएमओ