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Jalaun News: यमुना फिर बढ़ी, मंगरोल-पडरी रपटा डूबा, दो गांवों का संपर्क टूटा

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कालपी। बारिश और सहायक नदियों का पानी आने से यमुना का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। मंगरोल और पडरी गांव का रपटा डूब गया है। इसके चलते इन गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। जलस्तर 15 सेमी प्रति घंटा की दर से बढ़ रहा है। वहीं, तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों में बाढ़ को लेकर भय का माहौल बन गया है।
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जुलाई की शुरुआत से हो रही बरसात के कारण यमुना में जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। 16 जुलाई को चंबल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर 104.35 मीटर तक पहुंच गया था। शनिवार शाम से इसमें दोबारा वृद्धि शुरू हो गई है और रविवार को जलस्तर 104.15 मीटर पर पहुंच चुका है। जलस्तर बढ़ने से मंगरोल और पडरी का रपटा डूब गया है। इससे लोगों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। इसके अलावा तटवर्ती क्षेत्रों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। लगातार दूसरी बार फसलें डूबने से किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के सदस्य रूपेश कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर प्रति घंटे 15 सेंटीमीटर की गति से बढ़ रहा है और कल तक इसमें और वृद्धि की आशंका है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी बांध से फिलहाल पानी छोड़े जाने की सूचना नहीं है। यमुना में बढ़ते जलस्तर का कारण सहायक नदियों से आने वाला पानी है।
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उन्होंने बताया कि फिलहाल यमुना का जलस्तर 105 मीटर से ऊपर नहीं गया है। चेतावनी (सांकेतिक) निशान 107 मीटर और खतरे का निशान 108 मीटर है, इसलिए अभी बाढ़ की तत्काल आशंका नहीं है।
एसडीएम अतुल कुमार ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी पहले से लगाई गई थी, उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी समस्या को गंभीरता से लिया जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी अलर्ट रहने को कहा गया है।

प्रशासन की नाव क्षतिग्रस्त
मंगरोल और पडरी के रपटे पर प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के लिए जो नाव उपलब्ध कराई गई थी, वह अब खराब हो चुकी है।नाव चालक सूरज सिंह और विनोद ने बताया कि नाव पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। उसमें पानी भर जाता है और चार लोग बैठते ही नाव बीच से झुक जाती है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नायब तहसीलदार मुकेश कुमार ग्रामीणों की मांग पर मौके पर पहुंचे और नाव को एक ओर करवा दिया। उन्होंने कहा कि एक या दो घंटे के भीतर दूसरी नाव वहां उपलब्ध कराई जाएगी।

इनसेट

पहूज और सिंध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
रामपुरा। रामपुरा के नदी पार इलाके में बहने वाली सिंध और पहूज नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है। इससे निनावली, किशनपुरा, चांदनपुरा, डिकौली जागीर, बिल्हौड़, जखेता, हुकुमपुरा, सुल्तानपुरा जागीर, सिद्धपुरा, रिठौरा, मिर्जापुर जागीर, लक्ष्मणपुरा, सुंदरपुरा, कूसेपुरा, नरौल, कदमपुरा जैसे गांवों के लोगों में भय का माहौल है।
ग्रामीण राकेश, बबलू, कीरत, अरविंद, बच्चू और रवि का कहना है कि यदि पहूज और सिंध नदियों का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा है। रात होते-होते पानी गांवों में घुस सकता है। हर साल इन नदियों में आई बाढ़ के कारण ग्रामीणों को अपने घर छोड़कर ऊंचे टीलों पर शरण लेनी पड़ती है। एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है। अगर नदियों का जलस्तर और बढ़ता है तो समय रहते ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। (संवाद)
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