उरई। मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी से नदियों का जलस्तर बढ़ा है। यमुना खतरे के निशान से चार मीटर तो बेतवा चेतावनी बिंदु से 11 मीटर नीचे है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि इस सप्ताह नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब तक पहुंच सकता है।
सोमवार सुबह आठ बजे तक बेतवा का जलस्तर 110 मीटर दर्ज किया गया। यमुना का जलस्तर 98.07 मीटर, जबकि खतरे का निशान 102 मीटर है। नून नदी का 132.56 मीटर दर्ज किया गया। बेतवा का चेतावनी स्तर 121.66 मीटर और खतरे का स्तर 122.66 मीटर है।
पिछले साल बेतवा का जलस्तर 108 मीटर तक पहुंच गया था। इससे दर्जनों गांव जलमग्न हो गए थे। हालांकि इस बार अब तक स्थिति नियंत्रण में है। जिले में कुल 158 बाढ़ संभावित गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें जालौन में 19, उरई में 32, माधौगढ़ में 38, कालपी में 35 और कोंच में 33 गांव शामिल हैं। प्रशासन ने सभी स्थानों पर नाव, लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा संसाधन मुहैया कराने की तैयारी तेज कर दी है। इसके अलावा 27 बाढ़ चौकियों का गठन किया गया है। इनमें जालौन और उरई में चार-चार, कोंच में पांच तथा माधौगढ़ और कालपी में सात-सात चौकियां बनाई गईं हैं।
वहीं नहर विभाग प्रथम के अधिशासी अभियंता धर्मघोष ने बताया कि फिलहाल किसी प्रकार का खतरा नहीं है। कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की जा रही है। बांधों से सामान्य पानी ही छोड़ा जा रहा है, जो खतरे के निशान को पार करने की स्थिति में नहीं है।
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लहचूरा बांध से 1600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
सोमवार सुबह आठ बजे तक लहचूरा बांध से 1600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे मुहाना क्षेत्र में बेतवा का जलस्तर बढ़ा है। हालांकि, अभी किसी खतरे की स्थिति नहीं बनी है। सोमवार दोपहर दो बजे तक बेतवा का जलस्तर 110 मीटर रिकॉर्ड किया गया। मौके पर तैनात कर्मचारियों का कहना है कि फिलहाल पानी स्थिर है, लेकिन यदि बारिश तेज होती है तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को पहले से ही सतर्क कर दिया गया है।
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बेतवा नदी के दूसरे पुल का निर्माण रोका गया
मुहाना में बेतवा नदी पर बन रहा दूसरा पुल फिलहाल रोक दिया गया है। निर्माण में लगी मशीनों को भी ऊपर उठाकर सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया गया है। यदि पानी और बढ़ता है तो मकरेछा, गुढा, सिमरिया, बधौली, खरका और मुहाना टीकर जैसे गांव प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय ग्रामीण हीरालाल राजपूत, मनोज, साहिल, बृजमोहन और राजकुमार का कहना है कि अभी बारिश इतनी नहीं हुई है, जिससे कोई बड़ा खतरा बने। फिलहाल जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है।