उरई /कोंच। मुख्यमंत्री की ओर से रक्षाबंधन पर महिलाओं और एक सहयात्री के लिए तीन दिन तक मुफ्त यात्रा योजना लागू की गई है। शुक्रवार सुबह से ही रोडवेज बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ जुट गई। झांसी, कानपुर, राठ, ललितपुर और हमीरपुर जाने वाली बसों में खचाखच भीड़ रही। वहीं ग्रामीण इलाकों में रोडवेज बसों की सुविधा न होने पर महिलाओं ने प्राइवेट बसों, ऑटो का सहारा लिया।
रोडवेज बस स्टैंड पर स्थिति यह थी कि बसें आते ही 10 से 15 मिनट में भरकर रवाना हो जा रही थीं। इंदिरा स्टेडियम के पास भी बसों का इंतजार कर रही महिलाओं की लंबी कतारें देखी गईं। प्रशासन के अनुसार रक्षा बंधन तक बस स्टैंड पर भीड़ और बढ़ेगी। शाम तक यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा देखा गया। रोडवेज कर्मियों ने भी अतिरिक्त बसें चलाने की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को कोंच, नदीगांव, उरई, जालौन, जगम्मनपुर, झांसी, लखनऊ, कानपुर व बनारस आदि मार्ग पर संचालित परिवहन निगम की बसों में भी महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही कोंच बस स्टैंड पर महिलाओं की भीड़ भाड़ दिखने लगी थी।
वहीं, कोंच-कैलिया व कोंच- महेशपुरा, जालौन से रामपुरा, उरई से चुर्खी, उरई से ददरी, कोंच से पहाडगांव आदि रूट पर रोडवेज बसें न चलने के कारण करीब 2000 महिलाओं को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं का कहना है महिलाओं का कहना है कि अगर इन रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया जाता तो उन्हें भटकना न पड़ता।
मुझे पता नहीं था वह भी फ्री है
झांसी के पारीछा निवासी देव प्रसाद बेटियां को लेने कोंच अकेले आए थे तो रोडवेज में किराया देकर आना पड़ा था। जब वह अपनी बेटी हेमा को अपने साथ लेकर आए तो उसका भी टिकट नहीं लगा। देव प्रसाद ने बताया कि उन्हें पता नहीं था कि इस बार महिला के साथ एक यात्री भी मुफ्त यात्रा कर सकते हैं। जब उसके कंडक्टर को पैसे दिए तो उसने पूछा आप के साथ कौन है तो उसने बताया कि उसकी बेटी है। तब कंडक्टर ने दो फ्री टिकट बनाकर उसे थमा दिए।
दिल्ली आने-जाने वाली महिलाएं परेशान
कोंच से दिल्ली के लिए चलने वाली तीन रोडवेज बसें कई महीनों से बंद है। इसके चलते रक्षा बंधन पर दिल्ली जाने-आने वाली महिलाओं को निशुल्क यात्रा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्हें पैसा खर्च पर स्लीपर बसों से ही जाना आना पड़ रहा है। वहीं, कोटरा से झांसी जाने वाली पहली रोडवेज बस में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी के एलान की तारीफ की।
ग्रामीण क्षेत्र के लिए भी सोचना था
कोंच निवासी रश्मि का कहना है कि फ्री बस सेवा का लाभ तो मिल रहा है। लेकिन कुछ ही जगह बस जा रही है। प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्र के बारे में भी सोचना चाहिए था।
पहले से करनी चाहिए थी व्यवस्था
नरी गांव निवासी अर्चना का कहना है कि महिलाएं अपने निर्धारित स्थान पर पहुंचे इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यवस्था करनी चाहिए थी। बस न होने से महिलाओं को अपने निजी साधनों से जाना पड़ रहा है।
पूर्व निर्धारित रूटों पर गाड़ी चल रही हैं । कुछ ग्रामीण क्षेत्र में परमिट नहीं है इसलिए वहां पर गाड़ी नहीं जाती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का आदेश है की बहनों को मुफ्त रोडवेज सेवा देनी है तो कल एक स्पेशल बस कोंच के लिए चलाई जाएगी।
कमल आर्य, एआरएम रोडवेज डिपो