स्टेशन पर जानकारी देते अर्जुन व पत्नी रेखा
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उरई। मुंबई से गोंडा जा रही महिला को कुशीनगर ट्रेन में शनिवार की रात प्रसव पीड़ा शुरू हो हुई। कंट्रोल से आए मैसेज के आधार पर ट्रेन को उरई स्टेशन पर स्टापेज से करीब पांच मिनट ज्यादा रोका गया। सरकारी एंबुलेंस से महिला को लाकर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्रसूता ने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया।
समसापुर गोंडा निवासी अर्जुन ने बताया कि वह बोरीबली (मुंबई) में कपड़ों में कढ़ाई का काम करता है। उसकी पत्नी रेखा का नौवां महीना चल रहा था। डाक्टर ने 10 दिसंबर की प्रसव की तारीख दी थी। इसलिए वह पत्नी को गांव ले जा रहा था, जब उसकी ट्रेन झांसी के पास पहुंची तो पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसने कोच में सवार यात्रियों को बताया। इस पर एस-2 कोच के अन्य यात्रियों ने ट्विटर पर रेलवे बोर्ड को इसकी जानकारी दी। कंट्रोल से आए मैसेज के आधार पर उरई स्टेशन पर पहुंचने पर उसने ट्रेन से उतार लिया गया। ट्रेन स्टापेज के अतिरिक्त पांच मिनट ज्यादा खड़ी रही। स्टेशन के बाहर उनके लिए सरकारी एंबुलेंस भी खड़ी थी। जो उन्हें लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंची। जहां शनिवार रात करीब साढ़े दस बजे रेखा ने बेटे को जन्म दिया। बताया कि जच्चा बच्चा सुरक्षित है और अब वे अपने घर जा रहे हैं।