उरई। शहर के हर घर में पानी पहुंचेगा। उन इलाकों पर ज्यादा गौर किया जाएगा। जो अब तक पानी की लाइन से वंचित थे। 32 हजार से अधिक आबादी को इसमें शामिल किया जाएगा। शासन से बजट आने के बाद जल निगम ने विभागीय काम शुरू कर दिया है।
पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए शासन ने 198 करोड़ का बजट पास कर दिया है। बजट पास होने के बाद अधिकारियों ने मोहल्लों के निरीक्षण से लेकर विभागीय काम शुरू कर दिए हैं। शहर को पहली बार पेयजल को लेकर इतना बड़ा बजट मिला है। अभी तक पेयजल की व्यवस्था ठीक नहीं थी। जल संस्थान 45 नलकूप और सात टंकी से शहर की पेयजल व्यवस्था का जिम्मा उठा रहा है।
30 हजार के करीब लोगों के पास पानी के कनेक्शन हैं। बाकी नई बस्ती में अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गर्मी के समय पानी का बड़ा संकट शहर में खड़ा होता था। जल निगम ने व्यवस्था सुधारने के लिए कई बार शासन को पत्र भी लिखे थे, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। विभाग ने पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे थे। इसमें कई प्रस्ताव वापस भी आ गए थे। इसके बाद नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करने के लिए पालिका में दो महीने पहले बैठक हुई थी। सभी सभासदों और अध्यक्ष से उन मोहल्लों के बारे में जानकारी ली गई थी। जिन इलाकों में अधिक जल संकट है। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया था, जिसको शासन ने पास कर दिया है।
शहर की नई बस्ती में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। घरों में नल और सबमर्सिबल से पानी की पूर्ति होती है। करीब 40 हजार की आबादी के पास जलनिगम का कोई कनेक्शन नहीं है। राजेंद्रनगर का पीछे का भाग, नया पटेलनगर, इंदिरा स्टेडियम के सामने का मोहल्ला, बघौरा की नई बस्ती, चौरसी के पास व चुर्खी के पास सहित 30 से अधिक स्थानों पर पेयजल के लिए कोई लाइन नहीं है। काम होने से इन सब मोहल्लों को सहूलियत मिलेगी।
जल निगम पूरे शहर में पानी पहुंचाने का काम करेगा। इसमें 32 हजार उपभोक्ताओं को निशुल्क कनेक्शन दिए जाएंगे। ये आंकड़ा 40 हजार से ऊपर निकल सकता है। 400 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन डाली जाएगी। 14 नलकूप लगाए जाएंगे। 13 टंकी बनाई जाएंगी। इनकी क्षमता एक हजार से दो हजार लीटर होगी। नलकूप से पानी की बर्बादी न हो। इसके लिए छह भूमिगत टैंक भी बनाए जाएंगे। जो पानी बर्बाद होगा। वह टैंक में जाएगा। उसको बाद उपयोग में लाया जाएगा।
शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। पास हो गया है। बजट भी मिल गया है। अब जो विभागीय काम है। उनको पूरा किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है। उसके बाद काम शुरू होगा। पूरा काम अमृत योजना फेज-3 के तहत होगा। -हिमांशु नेगी, अधिशासी अभियंता, जलनिगम