फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएचसी में फंदे से लटका मिला वार्ड ब्याय का शव

विज्ञापन
मृतक विद्यासागर की फाइल फोटो - फोटो : ORAI
विज्ञापन
जालौन। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात वार्ड ब्वाय का शव शौचालय में फंदे से लटका मिला। जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पाकर प्रभारी चिकित्साधिकारी और फिर पुलिस फोर्स पहुंच गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ आरके राजपूत का कहना है कि दो दिन पूर्व वार्ड ब्वाय बिना बताए एक दिन के अवकाश पर चला गया था, जिस पर उसके खिलाफ चेतावनी पत्र जारी किया गया था।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम छानी खास निवासी विद्या सागर गुबरेले (52) पुत्र रामेश्वर गुबरेले पीएचसी छिरिया सलेमपुर में वार्ड ब्वाय के पद पर तैनात था। गुरुवार रात वह अस्पताल में ही था। तभी रात में किसी समय उसने अस्पताल के शौचालय के रोशनदान में अपनी लुंगी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार की सुबह जब सफाई कर्मचारी पहुंचा तो उसने विद्या सागर को फांसी पर लटका देखकर इसकी जानकारी पीएचसी प्रभारी डॉ. आरके राजपूत और पुलिस को दी। सूचना पर सीओ सुबोध गौतम, कोतवाल सुनील सिंह व एसआई सफीक अहमद मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में विद्या के बेटे हरीनारायण व शिवांग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक विद्यासागर के सेवानिवृत्त होने में अभी छह साल का समय बाकी था। कोतवाल एसके सिंह का कहना है कि फिलहाल किसी प्रकार की कोई तहरीर नहीं मिली है। फिर भी जांच पड़ताल की जा रही है।
वेतन रोकने की मिली थी चेतावनी
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ आरके राजपूत ने बताया कि 25 मार्च को लॉकडाउन के दौरान विद्यासागर बिना बताए मोबाइल बंद कर अवकाश पर चला गया था। जिस पर महकमे से उसे वेतन रोकने की चेतावनी का पत्र जारी किया गया था। जानकारी होने पर 26 मार्च की सुबह ही वह पीएचसी आ गया था।
विज्ञापन

चौकीदार को भी भेज दिया था घर
विद्यासागर ने मिली चेतावनी को समाप्त कराने के सारे प्रयास गुरुवार को किए थे, इसके बाद शाम को उसने चौकीदार रामबाबू को भी यह कहकर घर भेज दिया था कि वह अकेले ही संभाल लेगा। इसके बाद से वह अस्पताल में अकेला था और शुक्रवार की सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद परिजनों का आरोप है कि विद्या ने आत्महत्या नहीं की है, बल्कि उनकी हत्या की गई है। परिजनों का कहना है कि विद्या अकेले कैसे अस्पताल में थे। फिर फोरेंसिक की भी जांच नहीं कराई गई। बाथरूम के जिस खूंटे से फांसी लगाई गई है, उसकी लंबाई भी काफी कम है। लिहाजा जांच के लिए तहरीर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें