मुहम्मदाबाद। राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान पाने के लिए चयनित गांव की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में अधिकारी 36 घंटे से लगे हैं। शुक्रवार देर रात तक तैयारियां करने के बाद सुबह होते ही जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ही कानपुर और झांसी से भी अधिकारी पहुंच गए। गांव में कोई भी लाभार्थी सरकारी योजना से वंचित न रह जाए। इसके लिए भी अधिकारी शनिवार रात तक घर-घर दौड़ लगाते दिखाई दिए।
पंचायती राज विभाग के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित गांव ऐरी रम्पुरा में शनिवार को नजारा कुछ बदला-बदला सा नजर आया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलते ही रात को प्रशासनिक अधिकारियों ने डेरा डाल लिया। देर रात व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के बाद सुबह होते ही अधिकारी फिर गांव पहुंच गए। दोपहर होते-होते कानपुर से एडीजी भानु भास्कर, झांसी से मंडलायुक्त अजय शंकर पांडे और डीआईजी जोगेंद्र सिंह वहां पहुंचे और व्यवस्थाओं को परखना शुरू किया। पहले करीब आधे घंटे तक डीएम के साथ मंडलायुक्त ने हैलीपैड स्थल का जायजा लिया। उन्होंने आसपास उगीं झाड़ियां हटवाने के निर्देश दिए। इसके बाद पास में ही एक परिसर में बने परिषदीय विद्यालय, मिनी सचिवालय आदि की भी व्यवस्थाएं देखीं। कमियां मिलने पर नाराजगी जताते हुए उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
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खामियां देख डीएम का चढ़ा पारा
मंडलायुक्त के साथ व्यवस्थाओं का जायजा ले रहीं जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को विद्यालय परिसर में कुछ खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से नाराजगी जताई। बोलीं, शाम तक किसी भी हाल में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया जाए। साथ ही पेंशन आदि योजना से जुड़े लाभार्थियों के बारे में पूछा। कहा कि घर-घर जाकर देखें जो योजनाओं से वंचित हैं उन्हें तत्काल लाभ दिलाया जाए। मंडलायुक्त ने शाम साढ़े पांच बजे फिर रिहर्सल कराने के निर्देश दिए।
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फोटो 05::::चौड़ीकरण की वजह से बदहाल पड़ा गढ़ा-सिमरिया मार्ग।
फोटो 06::::ऐरी रमपुरा गांव की सिंगल रोड।
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कहीं उरई की ओर न चल दें मुख्यमंत्री जी...
डकोर ब्लॉक के जिस गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंच रहे हैं। वहां पहुंचने का आसमानी रास्ता तो ठीक है, लेकिन वाहन से यहां तक जाना सहज नहीं है। ऐसे में अधिकारियों के मन में सिर्फ यही विचार आ रहा है कि कहीं मुख्यमंत्री कार से उरई तक जाने के लिए न निकल पड़ें। ऐसा हुआ तो गड्ढामुक्त सड़क का सच उनके सामने आ जाएगा।
बता दें कि उरई से इस गांव के लिए जाने वाला रास्ता ठीक नहीं है। गढ़ा-सिमरिया मार्ग पर मुड़ते ही चौड़ीकरण का काम होने की वजह से ऐरी-रमपुरा गांव तक मार्ग ठीक नहीं है। यहां से लगभग दो किलोमीटर चलने के बाद ऐरी-रमपुरा गांव की ओर मुड़ते ही रास्ता सिंगल हो जाता है। इस पर यदि एक की जगह दूसरा वाहन सामने आ जाए तो जाम लगना तय होता है।