फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोशालाएं खाली, तो किसकी रखवाली

विज्ञापन
विज्ञापन
कदौरा। ब्लॉक क्षेत्र में गोशालाएं खाली हैं। गोशालाओं से छोड़े गए मवेशी सड़कों, गांव की गलियों व खेतों में चारे और पानी की तलाश में भटक रहे हैं। स्थिति यह है कि सड़कों पर घूमने वाले अन्ना मवेशी अक्सर वाहनों की चपेट में आकर या तो अपनी जान गंवा रहे हैं या फिर वाहन सवारों को हादसे का शिकार बना रहे हैं। अब सवाल यह है कि अन्ना मवेशियों के लिए हर माह चारा-पानी के लिए दी जाने वाली धनराशि आखिर कहां खर्च हो रही है।
विज्ञापन

बताते चलें कि ब्लॉक क्षेत्र में करीब 50 गोशालाएं हैं, जिनमें करीब पांच हजार मवेशी हैं। अप्रैल में खेतों की फसल कट जाने के बाद मवेशियों को खुला छोड़ दिया गया था। क्षेत्र के बागी,शहादतपुर, उदनपुर, खुटमिली, कुशमरा बावनी, बरखेरा, सुरौली, कुआखेड़ी सहित अन्य गोशालाएं खाली हैं। प्रत्येक गोशाला में लगभग 50 से 150 तक मवेशी थे। जो अब खुले सड़कों पर विचरण कर रहे हैं। क्षेत्र के रामजी, बालकदास, अर्जुन सिंह आदि का कहना है कि आखिर शासन से मिलने वाली धनराशि कहां जा रही है। मवेशियों की देखरेख के लिए लगे कर्मचारी किसकी रखवाली कर रहे हैं। इन बातों को जवाब देने वाला कोई अधिकारी नहीं है। इस संबंध में जब ब्लॉक के बीडीओ अतिरंजन सिंह से बात की गई तो वे चुप हो गए।
-------------
ये हैं गोशालाओं के इंतजाम
शासन के निर्देशानुसार छोटी से छोटी यानि 25 अन्ना मवेशियों वाली गोशाला में एक कर्मी और करीब 15 से 20 हजार रुपये प्रति माह का खर्च होता है। ब्लॉक की गोशालाओं में 50 से लेकर 200 मवेशियों तक की क्षमता है। ऐसे में गोशालाओं के खाली पड़े होने का मतलब भी स्पष्ट समझा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें