कोंच। एमएसपी पर हो रही गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर सरकार के तीस क्विंटल के नए फरमान से किसान हलाकान हैं। नए सरकारी नियम के मुताबिक अब एक किसान तीस क्विंटल से ज्यादा गेहूं एमएसपी पर नहीं बेच सकेंगे। रातों रात पोर्टल में भी बदलाव कर दिया गया है जिसके चलते कई कई दिनों से क्रय केंद्रों पर डेरा डाले किसान इस बात को लेकर गुस्से में हैं। कारण है कि तीस क्विंटल बेचने के बाद बकाया गेहूं लेकर वह कहां जाएं।
मंगलवार तक एक किसान 91 क्विंटल तक गेहूं बेचने का अधिकार रखता था। बुधवार को बुद्ध पूर्णिमा की छुट्टी होने के कारण सरकारी खरीद बंद रही। पर कई दिनों से क्रय केंद्रों पर अपनी बारी के इंतजार में पड़े किसानों को जब गुरुवार को खुले क्रय केंद्र संचालकों द्वारा यकायक बताया गया कि अब सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है। इसके तहत एक किसान तीस क्विंटल से ज्यादा गेहूं नहीं बेच सकता है। गुस्साए किसान क्रय केंद्र संचालकों से भिड़ने लगे। पर केंद्र संचालक ने समझाया।
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फोटो-21-किसान कुंवरसिंह
सरकार किसानों को परेशान कर रही है
ग्राम अटा के किसान पिछले तीन दिन से क्रय केंद्र पर अपनी गेहूं की ट्राली लिए बैठे हैं और आज उनका गेहूं तौला जाना था। नया सरकारी फरमान सुनकर उन्हें पसीना आ गया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को परेशान क रही है, अब ऐसे में वह तीस क्विंटल के बाद बचा अपना गेहूं लेकर कहां जाएंगे।
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फोटो-22-किसान रामू
नए नियम सुनकर भड़के किसान
किसान रामू भी पिछले चार दिन से क्रय केंद्र पर पड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। गुरुवार को जब उनका नंबर आया तो उन्हें बताया गया कि सिर्फ तीस क्विंटल गेहूं ही वह बेच पाएंगे। यह सुनकर वह भड़क गए और बोले कि केवल किसान ही एक ऐसा प्राणी है जिसे हर तरह से कुचला जा रहा है और वह कुछ भी नहीं कर पा रहा है।
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फोटो-23-ई.पॉश मशीन में किसान का अंगूठा लगने के बाद परिणाम देखते राजीव सिंह। संवाद
नियमानुसार ही होगी खरीद
कोंच। आरएफसी के केंद्र व्यवस्थापक राजीव सिंह ने बताया कि वे सरकारी नियमों के हिसाब से ही तो खरीद कर सकते हैं। पोर्टल पर नए नियम की फीडिंग हो जाने के बाद ई.पॉश मशीन में अंगूठा लगाने पर 30 क्विंटल से अधिक को अस्वीकार किया जा रहा है।