उरई। शहर के डीवीसी कालेज के मनोविज्ञान विभाग में तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर ने घर में दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह जब गृहस्वामी ने उनका शव फांसी पर लटका देखा तो हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उतारकर जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं सूचना पाकर लखनऊ से उनके परिजन भी आ गए। उधर, देर शाम पोस्टमार्टम में फांसी (हैगिंग) से मौत की पुष्टि हुई है।
औरैया जानपद के फफूंद थाना क्षेत्र के पुरवा बले गांव निवासी बाबू प्रमोद बघेल परिवार सहित विष्णु लोक लखनऊ में रहते है। उनकी दूसरे नंबर की पुत्री साम्या बघेल (30) शहर के डीवीसी कालेज में मनोविज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात थी। शहर के ही मोहल्ला रामनगर में वह किराये के कमरे में अकेली रहती थी। गुरुवार की सुबह उसका शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। लखनऊ से पहुंचे परिजनों ने बताया कि वह 2017 से डीवीसी कालेज में कार्यरत थी। दो बहन व एक भाई में दूसरे नंबर की थी। भी शादी भी नहीं हुई थी। बेटी की मौत से मां विमलेश सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शहर कोतवाल शिवकुमार सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।