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विजिलेंस टीम को महिलाओं ने घेरा

Wed, 21 Oct 2015 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो जालौन
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खेतों में मकान बनाकर रह रहे लोगों के घरों में मंगलवार की सुबह बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने धावा बोला। इस पर लोगों ने बताया कि यहां पर बिजली आपूर्ति का कोई इंतजाम ही नहीं है, ऐसे में वे बिजली चोरी कैसे करेंगे। इसके बावजूद विजिलेंस टीम  घरों के अंदर घुसकर जांच करने लगी।
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 इससे आक्रोशित महिलाओं ने विजिलेंस टीम को घेर लिया और धक्का देकर घरों से बाहर निकाला। इसके बाद टीम के अधिकारियों के साथ बदसलूकी भी की। महिलाओं का आरोप था कि टीम ने उनके साथ छेड़खानी की है और सुविधा शुल्क की मांग भी कर रहे हैं।


 बाद में मौके पर पहुंचे सपा के एक स्थानीय नेता के हस्तक्षेप से मोहल्ले वाले शांत हुए। शहर के राठ रोड स्थित फोरलेन ओवरब्रिज के नीचे खेतों में करीब एक दर्जन मकान बने हुए हैं। यहां पर बिजली आपूर्ति के कोई इंतजाम नहीं हैं। ना ही खेतों में ट्रांसफार्मर रखा गया है और नहीं यहां पर खंभे व बिजली के तार लगे हैं।
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 इसके बावजूद मंगलवार की सुबह विजिलेंस टीम के इंस्पेक्टर अलख नारायण द्विवेदी, जेई सुरेंद्र सिंह, सिपाही राजीव यादव यहां पर बिजली चोरी की चेकिंग करने पहुंच गए। लोगों ने बताया कि जब यहां पर बिजली आपूर्ति के कोई इंतजाम ही नहीं हैं तो ऐसे में भला बिजली चोरी कैसे करेंगे।


 इसके बावजूद टीम घरों के अंदर जाकर चेकिंग करने लगी। इसी दौरान महिलाओं ने टीम को घेर लिया और धक्के देकर मकान से बाहर निकाल दिया। इसके बाद टीम ने मौके से जाने का प्रयास किया तो महिलाओं ने घेराव कर उन्हें रोक लिया।


 महिलाओं का आरोप था कि टीम के सदस्यों ने उनके साथ छेड़खानी की है और सुविधा शुल्क की मांग कर रहे थे। सुविधा शुल्क देने से मना करने पर वह बिजली चोरी के मामले में फंसाने की धमकी देने लगे। सूचना पाकर सपा नेता सुरेंद्र यादव मौखरी ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया।


इस बारे में सपा नेता सुरेंद्र मौखरी का कहना है कि टीम के सदस्य प्रदेश सरकार को बदनाम कर गरीबों का शोषण कर रहे थे। उन्हें हिदायत दे दी गई है। उधर, विजिलेंस इंस्पेक्टर अलख नारायण द्विवेदी का कहना है कि मोहल्ले में बिजली चोरी की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे थे। मोहल्लेवासियों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।
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