सब्जी मंडी में धराशायी बरामदा।
- फोटो : अमर उजाला
नवीन सब्जी मंडी स्थित दुकानों के बरामदे की दीवार रविवार की शाम भरभरा कर गिर गई। इसमें दबकर दो लोग घायल हो गए। मंडी में चीख पुकार मच गई। नैफेड का सरकारी गेहूं क्रय केंद्र बना है, जो रविवार होने के कारण बंद था नहीं तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। इलाकाई लोगों का कहना है कि मंडी परिषद ने पांच साल पहले ही इन दुकानों का निर्माण कराया था, लेकिन मानक विहीन निर्माण होने के कारण ही बरामदे की दीवार गिरी है।
रविवार की शाम करीब छह बजे गल्ला मंडी से सटकर बनी नवीन सब्जी मंडी में सी-23 से सी-30 तक की आठ दुकानों के बरामदे की दीवार भरभरा कर गिर गई। इससे मंडी परिसर में धूल का गुबार छा गया। दीवार के मलबे में दबकर दो मजदूरों को चोटें आईं थीं, जिन्हें उपचार के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों के नाम कमाल चच्चा व रामविहारी कुशवाहा हैं। इसके अलावा एक बाइक और क्रय केन्द्र का कांटा भी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया।
क्रय केन्द्र पर पिछले दिनों में खरीदे गए गेहूं की लगभग दो हजार बोरियां भी मलबे में दब गईं, तो कई बोरियां फट भी गईं । इससे केंद्र का भी काफी नुकसान हुआ है। मंडी चौकी इंचार्ज अरविंद द्विवेदी भी मौके पर पहुंच गए। मंडी सचिव डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने बताया है कि इन दुकानों का निर्माण लगभग पांच साल पहले हुआ था और परिषद की निर्माण शाखा ने इन्हें बनवाया था। मामले की जांच पड़ताल कराई जाएगी।
मैटीरियल की गुणवत्ता की जांच होगी
कोंच। एसडीएम मोईन उल इस्लाम का कहना है कि वह मंडी सचिव से पूरी रिपोर्ट मंगा रहे हैं और निर्माण में प्रयुक्त मैटीरियल की गुणवत्ता की जांच के लिए डीएम को संस्तुति करेंगे। कहा कि यदि रविवार न होता तो बड़ा हादसा भी हो सकता था।