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बेतवा में पानी बढ़ने से सब्जी की फसलें चौपट

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बेतवा किनारे सब्जी में भरा पानी - फोटो : ORAI
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आटा। क्षेत्र के परासन से निकली बेतवा नदी में गुरुवार देर रात अचानक पानी बढ़ गया। जिससे बेतवा पट्टी में सब्जी की फसल करने वाले किसानों की फसल पूर्णता नष्ट हो गई। इससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि उन्हें फसल के नुकसान का मुआवजा दिलाया जाए।
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क्षेत्र के भडरा डेरा ग्राम के ग्रामीण काहटा पुल के नीचे बह रही बेतवा नदी के किनारे सब्जियां बोकर अपना पेट पालते हैं। बेतवा में अभी दो दिन पहले मध्य प्रदेश की धसान नदी से 800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जिससे बेतवा का जल स्तर बढ़ गया था, जिससे बेतवा के किनारे सब्जी की खेती करने वाले किसानों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फिर गया। किसान की फसल जलमग्न होने से नष्ट हो गई।
किसानों का कहना है कि कई जगह हरी सब्जियां डूब गईं। क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने क्षेत्र में करेला, लौकी, कद्दू, तोरई, मिर्च, बैंगन आदि की सब्जियां उगाते हैं। अचानक पानी बढ़ने से सैकड़ों किसानों की फसल डूब गई। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। किसानों का आरोप है कि बिना किसी चेतावनी के पानी छोड़ दिया गया जबकि जिले स्तर पर किसानों को कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे किसानों का काफी नुकसान हुआ है। जो फसल डूब गई हैं पर भी बेमतलब हो गई हैं।
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भडरा डेरा निवासी किसान सुल्ली ने बताया पांच बीघा में लौकी, करेला व कद्दू की फसल कर्ज लेकर लगाई थी। मौसम के साथ देने की वजह से फसल भी काफी अच्छी हुई थी, लेकिन बेतवा नदी के बढ़े जलस्तर ने अरमानों पर पानी फेर दिया।
किसान बहादुर निषाद ने बताया कि तीन बीघा में नदी के किनारे सब्जी बोई थी, फसल अच्छी होने की वजह से सोचा था कि इस बार आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी और उन्हें काम के लिए मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन नदी में पानी बढ़ने से सब बेकार कर दिया। उन्हें घर का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ेगी।

सुल्ली- फोटो : ORAI

बहादुर- फोटो : ORAI

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