उरई। पत्नी के मायके जाने पर युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो कोहराम मच गया। पुलिस कुंडी काटकर अंदर पहुंची और शव फंदे से नीचे उतरवाकर कार्रवाई की। परिजनों ने बताया कि विवाद होने पर पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई, तबसे वह तनाव में थी।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मैकेनिक नगर निवासी चंद्रशेखर कुशवाहा (40) ने रविवार रात कमरे में लगे हुक से गमछे का फंदा लगाकर जान दे दी। दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने खिड़की से झांककर देखा तो शव लटका देख कोहराम मच गया। पिता भगवाननाथ ने बताया कि उनका बेटा चंद्रशेखर अपनी पत्नी रीता व दो बच्चों सुमित व हर्ष के साथ रहता था। करीब दो साल से दोनों में विवाद चल रहा था।
लोगों के समझाने पर दो माह पहले ही पत्नी घर आई थी। रविवार को दोनों में फिर विवाद हुआ और रीता बच्चों को लेकर मायके चली गई। इसके बाद चंद्रशेखर शाम को घर आया और खाना खाने के बाद फंदा लगाकर जान दे दी। बताया कि वह सुनारी का काम करता था। उसकी मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। कोतवाल अरुण कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है।