सिरसाकलार। भतीजी की डोली जाने के बाद चाचा की अर्थी उठने से गांव में मातम पसर गया। भतीजी की शादी के दौरान कामों से थककर तख्त पर लेटे चाचा की हृदयगति रुकने से मौत हो गई।
उनकी मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना क्षेत्र के पाल मड़ैया गांव निवासी छोटेलाल निषाद की पुत्री मानवती की बुधवार को कानपुर देहात के रनियां पचगंवा से बरात आई थी। बरात आने के बाद शादी की रस्में पूरी की जा रहीं थीं। देर रात मंडप के नीचे दूल्हा-दुल्हन फेरे ले रहे थे। इसी दौरान मनीषा का चाचा कप्तान निषाद (34) पैर पूजने के बाद तख्त पर जाकर लेट गया। लोगों ने उन्हें सोता समझ जगाया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
परिजनों ने बताया कि वह गांव में रहकर खेती किसानी करते थे। उनके एक पुत्री व एक पुत्र हैं। उनकी मौत से पत्नी विनीता सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
चाचा की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। परिजनों ने तुरंत सभी शादी की रस्में पूरी कर बेटी मानवती की विदाई कर दी। इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।