उरई। छह साल पहले शराब ठेके में आग लगाकर सेल्समैन को जलाकर मार डालने के दो लोगों को कोर्ट ने दस-दस साल कैद सुनाई है। दोनों पर पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। दोनों रात में ठेके पर शराब लेने पहुंचे थे। सेल्समैन ने शराब देने से मना कर दिया था तो दोनों ने मिट्टी का तेल डालकर दुकान में आग लगा दी थी। मरने से पहले सेल्समैन ने दोनों के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के औरेखी गांव निवासी लालजी प्रसाद ने 20 अप्रैल 2019 को जालौन कोतवाली पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसका पुत्र शिवपूजन गांव स्थित देशी शराब की दुकान में सेल्समैन था। 19 अप्रैल की रात वह दुकान के अंदर सो रहा था। रात करीब दो बजे गांव के शकील व विवेक कुशवाहा दुकान पर आए और शिवपूजन को जगाकर शराब मांगने लगे। उसने रात होने पर शराब देने से मना किया तो दोनों ने जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया।
इसके बाद दोनों ने दुकान में आग लगाने व जिंदा जलाने की धमकी दी और भाग गए। कुछ देर बाद वह लोग मिट्टी का तेल लेकर आए और दुकान में आग लगा दी। आग से दुकान में रखी 60 पेटी शराब जल कर नष्ट हो गई और उसका पुत्र शिवपूजन जलता हुआ बाहर आग गया। शिवपूजन के शोर मचाया तो चाचा मुन्नालाल, राधव राम और शिवपूजन के पिता आ गए और आग बुझाई।
गंभीर हालत में शिवपूजन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने शिवपूजन को ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया। आग से उसकी बाइक भी जल गई थी। पुलिस ने संबंधित धारा में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इलाज के दौरान शिवपूजन ने दम तोड़ दिया। इससे पहले शिवपूजन ने पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। विवेचना में पुलिस ने धारा 304 की बढ़ोतरी कर आरोपी शकील और विवेक को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था। दोनों को यहां से जेल भेज दिया गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। कोर्ट में चले ट्रायल के दौरान गवाहों व डॉक्टर ने गवाही दी। सोमवार को सुनवाई पूरी हुई जिसमें अभियोजन पक्ष और वादी पक्ष के अधिवक्ता की बहस हुई। इसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने शकील और विवेक को गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी पाया। दोनों को दस-दस साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।