मामले की जांच पड़ताल करती पुलिस।
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यमुना में मूर्ति विसर्जित करने आए कानपुर देहात के पुखरायां निवासी दो युवक अवैध खनन में हुए गड्ढे में डूब गए। इसमें बीस वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरे को बचा लिया गया। सूचना पाकर पहुंचे कोतवाल ईश्वर सिंह ने स्थानीय गोताखोराें की मदद से जाल डलवाकर शव नदी से निकालवाया।
शुक्रवार की दोपहर करीब एक बजे कानपुर देहात के कस्बा पुखरायां निवासी जितेंद्र पुत्र गंगाराम साथियाें के साथ यमुना में मूर्ति विसर्जित करने के लिए आया था। श्रद्धालु मूर्ति लेकर यमुना के पानी में उतरे। इसी दौरान अवैध मौरंग खनन के कारण नदी में हुए गड्ढे में जितेंद्र और उसका साथी टिल्लू डूब गये। इससे उसके साथियों में हड़कंप मच गया। साथियों ने टिल्लू को किसी तरह बचा लिया, जबकि जितेंद्र का पता नहीं चला। लोगों ने इसकी सूचना कालपी कोतवाली पुलिस को दी।
फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल ईश्वर सिंह ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से यमुना में जाल डलवाया। उसका शव निकालकर आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की जानकारी होने पर परिजन मौके पर आए और रोने बिलखने लगे। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र पेंटिग का काम करता था।
कालपी के घाट पर ही है पानी
उरई। भीषण गर्मी के कारण यमुना नदी का पानी कानपुर देहात की तरफ न होकर जालौन के कालपी की तरफ हैै। कालपी में नदी तक जाने का रास्ता भी है लिहाजा भक्त मूर्ति को लेकर इसी तरफ आए, जहां खनन के कारण यमुना में जगह जगह बडे़-बडे़ गड्ढे हैं और युवक उन्हीं गड्ढों में डूब गया।