जुलूस के दौरान कुछ उत्साहित राम भक्त रूट से हटकर अलग मार्ग पर चले गए। इससे दो समुदाय आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से नारेबाजी से माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराया।
पुलिस के मुताबिक कुछ राम भक्त झंडा चौराहे से तकिया मैदान की ओर निकलने लगे तो दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसी बात पर दोनों ओर से नारेबाजी होने लगी थी। दूसरी ओर अफवाह फैलने से भी कस्बे का माहौल गर्मा गया। तकिया मस्जिद पर हुई झड़प के बाद कस्बे में अफवाह फैल गई। बाजार की दुकानें धड़ाधड़ बंद होने लगीं। तरह-तरह की चर्चा भी होने लगी।
सूचना मिलते ही एसडीएम एसपी यादव और सीओ संजय शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया। प्रशासन ने माहौल की गंभीरता को देखते हुए कुठौंद, सिरसा कलार, माधौगढ़, रेंढ़र, रामपुरा आदि थानों की पुलिस बुलाकर जगह-जगह तैनाती कर दी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों के संभ्रांत लोगों से बात कर मामले को शांत कराया। इसके बाद यात्रा वापस अपने रूट से निकाली गई।
एसओ की चूक से बढ़ा बवाल
जुलूस अपने रूट से न भटके, इसके लिए छौलापुर के मकान के पास बैरियर बनाकर माधौगढ़ थानाध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय की ड्यूटी लगाई गई थी। जुलूस जब झंडा चौराहे पर पहुंचा तो माधौगढ़ एसओ अपना प्वाइंट छोड़कर जा चुके थे। इस पर जुलूस विवादित स्थान की ओर बढ़ गया। इससे माहौल बिगड़ते बिहगड़ते बचा। इसकी जानकारी जब एसडीएम व सीओ को मिली तो उन्होंने माधौगढ़ एसओ को बुलाकर जमकर फटकार लगाई।