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Jalaun News: जिला अस्पताल में नदारद मिले दो डॉक्टर

Fri, 01 Mar 2024 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। जिला अस्पताल में चिकित्सकों के आने जाने का कोई वक्त नहीं है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। गुरुवार को जिला अस्पताल की हुई पड़ताल में किसी चिकित्सक के कक्ष में ताला लटक रहा था तो किसी कक्ष में ताला तो खुला था, लेकिन कुर्सी खाली थी।
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गुरुवार को साढ़े नौ बजे से साढ़े दस बजे तक की गई पड़ताल में दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार कक्ष में मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह मरीज देख रहे थे। पेट रोग विशेषज्ञ डॉ. अदील अंसारी भी मरीज देखने में लगे थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएस सिंह मरीज देख रहे थे। डॉ. शक्ति मिश्रा कक्ष में मिले। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अविनेश कुमार बनौधा भी कक्ष में मिले। सर्जन डॉ. केपी सिंह व चेस्ट फिजीशियन डॉ. शिवेश वर्मा भी कक्ष में मरीज देखते मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव अग्रवाल का गेट बंद था। चर्म रोग विशेषज्ञ के रूप में तैनात डॉ. महेश चंद्रा का भी पता नहीं लगा।


केस-1-एनसीडी ब्लॉक में चिकित्सक डॉ. जीके सोनी का कक्ष बंद था। चिकित्सक का पता नहीं था। इसकी वजह से उनके मरीज इधर उधर परेशान घूम रहे थे। चिकित्सक के बारे में कोई बताने वाला नहीं था।
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केस-2-कान, नाक, गला विशेषज्ञ डॉ. बीपी सिंह का कक्ष तो खुला था, लेकिन वह कुर्सी से नदारद थे। उनके कक्ष के बाहर मरीज बैठे उनका इंतजार कर रहे थे। कोई बताने वाला नहीं था कि चिकित्सक कहां है और कब आएंगे।
केस-3- मन कक्ष का गेट तो खुला था, लेकिन वहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। अंदर बैठने वाले स्टाफ में इक्का दुक्का स्टाफ मौजूद था। एचआईवी काउंसलर का कक्ष में कर्मचारी थे।
केस-4-ए ब्लॉक में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक आर्या दस बजे तक कक्ष में नहीं बैठे थे। हालांकि 15-20 मिनट बाद वह कक्ष में आए और मरीज देखने लगे।
केस-5 -बी ब्लॉक में बैठने वाले डॉ. अरविंद श्रीवास्तव की कुर्सी खाली थी। बताया कि उनकी मां की आज तेरहवीं है। उसी कक्ष में बैठने वाले डॉ. अनिल राज अवकाश पर थे। उनकी जगह पर डॉ. श्रवण मरीज देख रहे थे।


मरीजों की जुबानी
फोटो-12-जयबाई। संवाद
खर्रा निवासी जयबाई ने बताया कि वह एक दिन गिर गई थी। तबसे कान से कम सुनाई दे रहा है। कान वाले डॉक्टर को दिखाने के लिए गए तो डॉक्टर साहब कुर्सी पर नहीं थे। पूछने पर किसी ने कुछ नहीं बताया।
फोटो-13-रामबाबू। संवाद
टीहर के रामबाबू ने बताया कि कान में दिक्कत हो रही है। एक चिकित्सक के पास गए तो उन्होंने कान के चिकित्सक के पास जाने की सलाह थी। अब यहां डॉक्टर नहीं है, किसे दिखाए, कोई बताने वाला नहीं है।
वर्जन
जो चिकित्सक समय से नहीं आ रहे है, उनके बारे में जानकारी लेंगे। चिकित्सकों को निर्देशित करेंगे कि वह समय से अस्पताल पहुंचकर मरीजों को देखे। इसमें लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई करेंगे।
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-डॉ. जगजीवन राम, सीएमएस
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