उरई। छात्र को फुसलाकर कर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में न्यायाधीश ने दोषी को 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही चालीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता बृजराज सिंह राजपूत ने बताया कि कुठौंद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक मां ने 27 अक्तूबर 2018 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी बेटी को उरई कोतवाली क्षेत्र के मरगाया गांव निवासी विद्यासागर फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर छात्रा और युवक को गिरफ्तार किया था। न्यायालय में छात्रा ने अपने बयान में दुष्कर्म की बात कही थी।
इस पर पुलिस ने विवेचना में 376 धारा बढ़ा कर युवक को जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं कि बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद कमर युवक को दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई। चालीस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की कारावास भुगतना पड़ेगा।
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मारपीट के मामले में 2 साल की कैद
उरई। महिला को अपमानित कर मारपीट के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाते हुए 2 साल एक माह में की सजा सुनाई। साथ ही साढ़े छह हजार रुपये जुर्माना लगाया।
शासकीय अधिवक्ता हिरदेश पांडे ने बताया कि शहर कोतवाली के मोहल्ला उमरारखेरा निवासी माया ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि कदौरा थाना क्षेत्र के के ग्राम छोटी भेड़ी निवासी सुशील कुशवाहा ने उसके साथ मारपीट की थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को पकड़ कर जेल भेज दिया था। जिसका ट्रायल एससीएसटी कोर्ट में चल रहा था।
बुधवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर एससी एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार गुप्ता ने दोषी पाते हुए दो साल एक माह की सजा सुनाई और साढ़े छह हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।