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आंधी में पेड़ गिरे, बारिश से गेहूं भी भीगा

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बारिश से रामपुरा में ईट भट्टे पर खराब हुई ईंटें - फोटो : ORAI
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उरई। रविवार की देर रात आई आंधी और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई ग्रामीण इलाकों में खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल भीगकर खराब हो गई तो कहीं खेतों पर पड़ा भूसा पानी से भीग गया। सोमवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे तो खराब फसल देख सिर पकड़कर बैठ गए। किसान बोले, रात दिन मेहनत कर फसल बोई थी, सब बर्बाद हो गई। लॉकडाउन में मुआवजा भी मांगने जाएं तो कहां जाएं।
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सरावन संवाद के मुताबिक, रविवार शाम आई तेज आंधी बारिश से गेहूं की फसल के साथ-साथ आम की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सरावन सहित आसपास के गांवों अमखेड़ा, सिरसा दोगढ़ी आदि गांवों में ओलों गिरने से भी फसलों को नुकसान हुआ है। अमखेड़ा के किसान रामपाल ने बताया कि पांच बीघा में गेहूं की फसल बोई थी, जो कि काटी भी जा चुकी थी, अधिकांश फसल भीग गई है।
इसी तरह सरावन के सुरेंद्र का कहना है कि इस बार लग रहा था कि आम अच्छा होगा लेकिन आंधी ने सब कुछ खराब कर दिया है। माधौगढ़ में भी आंधी बारिश से करीब सात आठ गांवों में किसानों को नुकसान हुआ है। किसान प्रेमचंद्र के मुताबिक अभी कटाई शुरू ही हुई थी कि बारिश हो गई। भीगी फसल को हार्वेस्टर से कटवाना मुश्किल होगा।
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सिरसाकलार संवाद के मुताबिक, आंधी पानी से खेतों में पड़ा अधिकांश भूसा या तो उड़ गया या फिर भीग गया। इतना ही नहीं आम के पेड़ की डालें भी धराशाई हो गईं। जटहौली के किसान अमर सिंह ने बताया कि आम का पेड़ टूटने से काफी नुकसान हुआ है। वहीं सिरसा के ही अनूप ने बताया कि खेत में पड़ा सारा भूसा उड़ गया। अब जानवरों के भोजन के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
वहीं रामपुरा में ईट भट्ठों में तैयार कच्ची ईंटें भी भीगकर खराब हो गई है। जिससे भट्ठा संचालकों को काफी नुकसान हुआ है। भट्ठा संचालक एनके त्रिपाठी का कहना है कि बड़ी मुश्किल से प्रदूषण विभाग की एनओसी मिली थी। किसी तरह भट्ठा चालू किया तो अब बारिश ने तैयार हो रहे माल को काफी नुकसान किया है।

माधंगढ़ में आंधी पानी से खराब हुई गेहूं की फसल- फोटो : ORAI

सिरसा कलार में आंधी से गिरा आम का पेड़- फोटो : ORAI

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