उरई। झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर गोरखपुर की ओर आने और जाने वाली ट्रेनों की दशा ठीक नहीं चल रही है।
इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन से सफर करने के लिए 11-11 घंटे बैठकर स्टेशन पर इंतजार करना पड़ रहा है। लगभग एक महीने से झांसी-कानपुर रूट की पैसेंजर ट्रेन जो गोरखपुर की ओर आती-जाती हैं। उनका यही आलम है।
बुधवार को पनवेल से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन नंबर 15066 अपने निर्धारित समय सुबह 10.38 बजे के स्थान पर न आकर रात नौ बजकर 49 मिनट यानी 11 घंटे 11 मिनट देरी से चल रही है। मुंबई से गोरखपुर एक घंटा 10 मिनट, मुंबई से गोरखपुर कुशीनगर एक्सप्रेस एक घंटा सात मिनट, इंदौर से पटना दो घंटा 23 मिनट, पटना से इंदौर एक घंटा 45 मिनट देरी से चल रही है।
छपरा मुंबई अंत्योदय एक्सप्रेस चार घंटा 28 मिनट, मुंबई से प्रतापगढ़ उद्योगनगरी एक घंटा, बनारस से अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस छह घंटा 51 मिनट, मुंबई से लखनऊ पुष्पक एक्सप्रेस एक घंटा अधिक देरी से पहुंची।
इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को कई घंटे उरई स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। वहीं, लगातार ग्वालियर से बरौनी, बरौनी से ग्वालियर छपरा मेल, यशवंतपुर गोरखपुर रद रही। झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि जैसे ही ट्रैक मरम्मत का काम समाप्त होता है, ट्रेनों का यथावत संचालन शुरू हो जाएगा। स्टेशन रोड निवासी मनोज मिश्रा का कहना है कि उन्हें अपनी माताजी के इलाज के लिए ग्वालियर जाना पड़ता है। उरई से सीधी ट्रेन निरस्त होने के चलते उन्हें परेशानी हो रही है। सड़क मार्ग से यात्रा करने में अधिक किराया और समय लग जाता है।