उरई/महेबा (जालौन)। बच्चों को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ा कि गुस्साए पति ने अपने दो साल के बच्चे के हाथ पैर बांधकर उसे घने जंगल में छोड़ दिया। पत्नी की शिकायत पर हरकत में आई पुलिस ने मासूम को खोजकर आरोपी पिता को भी पकड़ लिया। सीओ कालपी राहुल पांडे ने बताया कि परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है। फिर भी पिता के खिलाफ 151 की कार्रवाई की गई है।
कालपी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम देवकली निवासी शेर सिंह पुत्र खेमचंद निषाद का गुरुवार शाम अपनी पत्नी सीता से बच्चों को लेकर विवाद हो गया। जिस पर गुस्साए शमसेर ने छोटे बेटे कृष्णा (2) को उठाया और चिल्लाता हुआ घर से बाहर चला गया। पत्नी ने समझा कि कुछ देर बाद पति और बच्चा दोनों घर आ जाएंगे लेकिन जब काफी देर बाद शेरसिंह बिना बच्चे के शराब के नशे में घर लौटा तो सीता ने पड़ोसियों की मदद से पुलिस को मामले की जानकारी दी। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शेरसिंह को बच्चे के साथ जंगल की ओर जाते देखा था।
इस पर पुलिस ने पहले शेरसिंह को पकड़ा और उस पर सख्ती तो उसने बताया कि वह बच्चे को जंगल में छोड़ आया है। सुनते ही पत्नी के होश उड़ गए। चौकी इंचार्ज अशोक कुमार के साथ ग्रामीण शमशेर के बताए स्थान पर पहुंचे तो देखा कि कृष्णा के हाथ पैर बंधे थे। बंधन मुक्त होते ही कृष्णा जोर जोर से रोते हुए मां से लिपट गया। सीता ने बताया कि उसकी एक बेटी भी है। चौकी प्रभारी के मुताबिक पति पत्नी में बच्चों की ही किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद शमशेर ने दिल दहलाने वाली घटना को अंजाम दिया। सीओ का कहना है कि मामला पारिवारिक होने के कारण शमशेर के खिलाफ कोई तहरीर भी नहीं मिल रही थी, इसलिए उस पर 151 की कार्रवाई की गई है।