उरई। घर में घुसकर मारपीट कर अपमानित करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर एससीएसटी एक्ट के न्यायाधीश ने तीन दोषियों को तीन तीन साल की सजा सुनाई। 17-17 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर 15 -15 दिनों की अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
उरई कोतवाली क्षेत्र के धरगुवा गांव निवासी कालीचरण ने पुलिस अधीक्षक को 12 दिसंबर 2019 को तहरीर देकर बताया था कि वह छह दिसंबर 2019 को अपने घर के पास गड्ढा खोद रहा था। तभी गांव के ही राजू राजपूत, कारी उर्फ संतोष और इंदल राजपूत लोहे की रॉड लेकर आए और गालीगलौज करने लगे। विरोध करने पर तीनों ने मारपीट शुरू कर दी। वह हमलावरों के चंगुल से बचकर अपने घर पहुंचा तो लोगों ने उसके घर में घुसकर भी मारपीट की।
बचाने आई उसकी पत्नी, पुत्री और बहू के साथ भी हमलावरों ने मारपीट की। पुलिस ने एससीएसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने तीनों लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने तीनों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। गुरुवार को सुनवाई पूरी होने के बाद एससीएसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार गुप्ता ने राजू राजपूत, कारी उर्फ संतोष, इंदल राजपूत को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।