जालौन। त्रयोदशी भोज में जा रहे बाइक सवार दंपति और उनके नाती को तेज रफ्तार डंपर ने रौंद डाला। तीनों की मौत से गुस्साई भीड़ ने जमकर उपद्रव किया। तीन डंपर और फायरब्रिगेड की एक गाड़ी फूंक दी। पुलिस ने बेकाबू भीड़ पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे तो हालात और बिगड़ गए। गुस्साए लोगों ने पथराव कर दिया। इससे पांच-सात पुलिसकर्मी घायल हो गए। लगभग तीन घंटे तक बवाल चला। इसके बाद आए एसपी ने किसी तरह हालात संभाले।
रेढ़र थाना क्षेत्र के ग्राम ऊमरी निवासी जयसिंह (55), पत्नी मीरा देवी (50) व नाती अंश (4) पुत्र बंटी के साथ रविवार को जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम दहगवां में त्रयोदशी भोज में शामिल हुए। दोपहर करीब पौने एक बजे यहां से लौटते समय औरैया रोड स्थित पेट्रोलपंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर गांव के लिए चले ही थे कि छत्रसाल इंटर कालेज के सामने औरैया की ओर से आ रहे तेज रफ्तार खाली डंपर ने बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। तीनों उछलकर सड़क पर जा गिरे तो डंपर इन्हें राैंदता हुआ निकल गया। पेट के ऊपर से डंपर के पहिये निकलने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक एक ट्रक में उलझकर कोंच चौराहे तक घिसटती चली गई।
भीड़ ने डंपर का पीछा किया तो चालक मलंगा नाले के पास डंपर छोड़कर भाग निकला। भीड़ ने डंपर को आग के हवाले करके बवाल शुरू कर दिया। इस बीच मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी अखिलेश ने कुछ सख्ती दिखाई तो भीड़ ने उन्हें दौड़ा लिया। वह जान बचाकर भाग निकले। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने वहां खड़े तीन डंपरों में आग लगा दी। आग बुझाने पहुंची दमकल की गाड़ी को भी फूंक दिया। इस बीच आई फोर्स ने लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले दागे तो भीड़ और उग्र हो गई। लोगों ने पथराव कर दिया। उरई सीओ की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। पुलिस की लाठियों से मृतक का पुत्र संदीप व भतीजा शिवप्रताप सिंह भी घायल हो गए। पथराव में कुठौंद थानाध्यक्ष आनंद सिंह, जालौन एसएसआई राजेंद्र यादव, जगत सिंह यादव, रामबाबू त्रिपाठी
समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कुछ मीडियाकर्मी व आधा दर्जन से अधिक आम लोगों को भी चोटें आईं।
सूचना पर आए एसडीएम शीतला प्रसाद यादव व प्रभारी कोतवाल राजेंद्र सिंह ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया लेकिन उत्तेजित भीड़ ने उनकी एक न सुनी। इस पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। करीब तीन घंटे बाद आए डीआईजी शरद सचान, डीएम संदीप कौर व पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह ने हालात संभाले। अधिकारियों ने बताया कि घटना की वीडियोग्राफ ी कराई गई है। इसमें उपद्रवियों को पहचानकर कार्रवाई की जाएगी। पब्लिक से अभद्रता करने वाले पुलिसकर्मी भी बख्शे नहीं जाएंगे। पुलिस के मुताबिक जय सिंह ने हेलमेट भी नहीं लगाया था। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।