कालपी (जालौन)। कस्बे में शुक्रवार रात विभिन्न वाहनों में गैर प्रांतों से आ रहे लगभग डेढ़ हजार श्रमिकों को जालौन कानपुर देहात बार्डर सीमा यमुना पुल पर रोक लिया गया। इससे नाराज श्रमिकों ने हंगामा कर हाईवे जाम कर दिया। सूचना पाकर दोनों जिलों के आला अफसर मौके पर पहुंचे। वहीं कानपुर देहात प्रशासन ने किसी भी सूरत में बार्डर पार कराने से इंकार कर दिया। इसके बाद जालौन के अफसरों ने बड़ी मशक्कत से श्रमिकों को समझाया और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बने सेंटरों में भेजा। श्रमिकों के हंगामे की वजह से दो घंटे हाईवे जाम रहा, जिससे खाद्य सामग्री लेकर आ रहे वाहनों को काफी परेशानी हुई।
मालूम हो कि यमुना नदी के पुल पर कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना पुलिस व जालौन की कालपी कोतवाली पुलिस की बॉर्डर सीमा सील है और दोनों जिले के पुलिस कर्मी बैरियर लगाकर हाईवे से गुजरने वाले लोगों की निगरानी कर रहे है। रात करीब 11 बजे के आसपास दर्जनों वाहनों में मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित विभिन्न प्रदेशों से आने वाले श्रमिक बॉर्डर पर पहुंचे। लेकिन कानपुर देहात पुलिस ने बार्डर पर सभी को रोक लिया। रोके जाने पर श्रमिक हंगामा करने लगे और हाईवे पर जाम लगा दिया।
सूचना पाकर एसपी जालौन सतीश कुमार, एएसपी अवधेश सिंह, एडीएम प्रमिल कुमार सिंह जिले के विभिन्न थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उधर से कानपुर देहात प्रशासन के वरिष्ठ अफसर भी आ गए। दोनों जिलों के अधिकारियों के बीच लंबी वार्ता चली पर कानपुर देहात प्रशासन ने किसी भी श्रमिक को बार्डर पार कराने से साफ इंकार कर दिया। इसके बाद एसपी सतीश कुमार व एडीएम प्रमिल कुमार सिंह ने श्रमिकों को समझाया बुझाकर शांत कराया, तब जाकर श्रमिक हाईवे से हटे।
इसके बाद बार्डर में रोके गए श्रमिकों को कदौरा, उरई, कोंच, माधौगढ़, जालौन आदि स्थानों में संचालित क्वारंटीन सेंटरों में संबंधित थाना पुलिस की जिम्मेदारी में भेजा गया। तब जाकर हाईवे पर हालात सामान्य हुए। वहीं कानपुर देहात प्रशासन ने अपनी सीमा पर सख्ती और बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की जा रही है, जैसे दिशा निर्देश होंगे वैसे ही श्रमिकों को भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
सीमा सील, फिर भी पहुंच रहे मजदूर
श्रमिकों के हंगामे के दौरान इस बात की खासी चर्चा रही कि जब जिले के सभी बार्डर सील हैं। तब हजारों की संख्या में मजदूर कालपी तक कैसे आ जाते हैं। उधर जालौन और कानपुर देहात पुलिस के बीच सामंजस्य का अभाव भी साफ दिखाई पड़ा, जिससे जिले के क्वारंटीन सेंटरों में भी श्रमिकों को बोझ बढ़ता जा रहा है।