गुड़ा सिमरिया मार्ग पर स्थित नहर पर बना पुल शनिवार की रात एक बार फिर
ध्वस्त हो गया। इसी दौरान पुल से गुजर रहा एक ओवरलोड ट्रक नहर में जा गिरा।
इसके बाद पुल पर जाम लग गया। रात 11 बजे लगा जाम सुबह दस बजे तक जारी रहा।
इस दौरान हजारों लोग और ट्रक जाम में फंसे रहे। क्षेत्रीय लोगों ने बालू
की बोरियां दोबारा रखकर किसी तरह
पुल को दोबारा शुरू कराया जिसके बाद पुल
पर आवागमन शुरू हो सका। इस दौरान प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी या
कर्मचारी मौके पर नहीं पहुुंचा। शनिवार रात करीब 11 बजे नहर पर बना
पुल एक बार फिर से ध्वस्त हो गया। इस दौरान वहां से गुजर रहा बालू लदा
ओवरलोड ट्रक पुलिया ध्वस्त होने के चलते नीचे नहर में जा गिरा। इस हादसे
में
चालक संदीप कुमार निवासी निबाड़ी कोतवाली कालपी व क्लीनर हिम्मत सिंह
घायल हो गये जिन्हें ग्रामीणों ने निकाला और उपचार के लिए भिजवाया।
ग्रामीणों ने बताया की इस तरह की इस पुल पर यह दूसरी दुर्घटना है। इसके बाद
पीछे से आ रहे ट्रक जहां के तहां खड़े हो गए। थोड़ी ही देर में यहां
पुलिया के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। रविवार सुबह 10 बजे
तक लगा रहा। इसी
बीच बालू कारोबारियों ने एक बार फिर बालू की बोरियां रख व मिट्टी डाल पुल
को दोबारा तैयार कर लिया। इसके बाद इस पर एक बार फिर ओवरलोड ट्रक निकलने
शुरू हो गए। इस दौरान सूचना दिए जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई भी
अधिकारी मौके पर नहीं आया। गौरतलब है कि मियाद पूरी कर चुके ब्रिटिश
कालीन पुलों की
हालत बदतर है। ये जर्जर हो चुके हैं लेकिन बालू कारोबारी
अपने ट्रकों को निकालने के लिए अब भी इन्हीं पुलों और रूटों का इस्तेमाल कर
रहे हैं। ओवरलोड ट्रकों के इन पुलों से गुजरने से ये पूरी तरह ध्वस्त हो
जाते हैं। इस पर बालू कारोबारी इनपर बालू की बोरियां रख सड़क फिर चालू करा
देते हैं। इस दौरान यदि कोई क्षेत्रीय बीच में रुकावट पैदा करे तो उस पर
बंदूक तक तान दी जाती है। इसके चलते आएदिन पुल टूटने से जाम लगता है और
पब्लिक परेशान होती है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक लगे रहे जाम से लोग
घंटों बेहाल रहे। जब जाम खुला तो भी रास्ता साफ होते काफी वक्त लग गया।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल को स्थायी रूप से ठीक कराया जाए
ताकि लोगों को आएदिन की समस्या से निजात मिल सके।
प्रशासन की लापरवाही पड़ रही भारी
गुड़ा सिमरिया मार्ग पर स्थित नहर पर बने पुल के मामले में प्रशासन की
लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। करीब 21 दिन पहले पुल टूटने से घंटों
जाम लगने के बाद भी विभाग के जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली। बालू भरी बोरियों
को रखकर पुल से फिर से निकलने की जुगाड़ कर ली गई। पैदल और हल्के वाहनों
के आवागमन तक तो ठीक था लेकिन बालू
ठेकेदारों ने एक बार फिर से मनमानी शुरू
कर दी। ओवरलोड ट्रक निकलने लगे और शनिवार की रात एक बार फिर से पुल भरभरा
गया। एक ट्रक भी नहर में गिर गया और फिर से जाम लग गया। लोग घंटों इस जाम
में फंसे रहे। बताते चलें कि पुल अपनी मियाद कबकी पूरी कर चुका है।
लोगों की तमाम मांगों के बाद भी विभाग के जिम्मेदार इसको पक्का कराकर
ठीक
कराने के बारे में सोच नहीं रहे। जनवरी में पुल टूटने के बाद बोरियां रखकर
अस्थायी तौर पर इसे ठीक कर लिया गया और आवागमन भी शुरू हो गया। इसके बाद
बालू भरे ट्रक भी इस पर से निकलने लगे। आखिर पुल ये सब कब तक
झेल पाता और
शनिवार की रात फिर से जवाब दे गया। इस दौरान यहां से गुजर रहा ट्रक भी नहर
में जा गिरा और दो लोग घायल हो गए। इसके बाद लग गया कई किलोमीटर लंबा जाम
जो सुबह दस बजे के बाद खुल सका। परेशान लोगों ने इस पुल को ठीक कराने तथा
भारी वाहनों के निकलने पर रोक लगाने की मांग अधिकारियों से की है।