माधौगढ़। अवैध संबंध के शक में पिता ने पुत्रों के साथ मिलकर युवक को सरेराह लाठी-डंडें से पीटा। फिर उन्होंने युवक को पेड़ से बांध दिया और फिर पीटा। सूचना के एक घंटे बाद पहुंची पुलिस युवक को आरोपियों से छुड़ाकर थाने ले गई। पुलिस ने वहां आरोपियों के खिलाफ मामूली धाराओं में चालान कर दिया, जबकि युवक झांसी में जिंदगी व मौत से जूझ रहा है। बुधवार को पेड़ से बांधकर पीटने का वीडियो वायरल हुआ। मामला तूल पकड़ता देख एसपी ने थाना प्रभारी व हल्का इंचार्ज को निलंबित कर दिया।
गोहन थाना क्षेत्र के गढ़िया निवासी सुधीर कुशवाहा (35) सोमवार की दोपहर तीन बजे घर लौट रहा था। तभी कासिमपुर निवासी मिसरी लाल कुशवाहा ने अपने पुत्र सुमित व भूरे के साथ उसे रास्ते में रोक लिया और उसे पकड़कर घर ले जाने लगे। सुधीर ने विरोध किया तो पिता पुत्रों ने सरेराह उसे लाठियों से पीटा। शोरगुल सुन बीच बचाव करने पहुंचे राजू कुशवाहा को भी आरोपियों ने लाठी मारकर घायल कर दिया।
सुधीर के मुंह से खून निकलने के बाद भी आरोपी उसकी पिटाई करते रहे। मारपीट से भी जब आरोपियों का मन नहीं भरा तो उन्होंने युवक को पेड़ से बांध दिया और रस्सी से बांधकर मारपीट की। जानकारी पर उसकी मां पहुंची तो आरोपियों ने अभद्रता कर भगा दिया। परिजनों का कहना है कि सुधीर कासिमपुर गांव जाता था। इस पर मिठाई लाल को शक का था कि सुधीर का पारिवारिक महिला से संबंध है।
इसी बात पर वह कई बार उसके साथ अभद्रता कर चुके हैं। इसी शक के चलते उन्होंने मारपीट की है। सूचना के एक घंटे बाद पहुंची पुलिस ने उसे आरोपियों से छुड़वाया और अस्पताल भिजवाया। जहां से उसे झांसी रेफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोपियों का शांतिभंग में चालान कर दिया। परिजनों को जानकारी मिली तो वह पुलिस के खिलाफ भड़क गए। उनका कहना था कि थाना प्रभारी संजय यति व हल्का इंचार्ज लक्ष्मी प्रसाद ने विरोधियों से मिलकर मामूली कार्रवाई की है। जबकि सुधीर झांसी के अस्पताल में जिंदगी मौत से जूझ रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी व हल्का इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बुधवार को पेड़ से बांधकर हो रही पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने थाना प्रभारी संजय कुमार यति व हल्का इंचार्ज लक्ष्मी प्रसाद को निलंबित कर दिया।
आधा किलोमीटर की दूरी एक घंटे में तय कर पाई गोहन पुलिस
उरई। युवक को पेड़ से बांधकर मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद जिले में खलबली मच गई। लोग वीडियो देखकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आरोपियों पर पुलिस का खौफ एकदम से गायब हो गया है। करीब दो मिनट के वायरल वीडियो में देखा जा रहा है कि युवक जिंदगी की भीख मांग रहा है, लेकिन आरोपी मारपीट कर रहे हैं। पीड़ित की मां भी अपने बेटे को बचाने के लिए बार बार आरोपियों के पास जा रही है और हाथ जोड़कर अपने बेटे को छोड़ देने की गुहार लगा रही है। इसके बाद भी आरोपी युवक को मार रहे हैं और महिला को भागने की धमकी दे रहे हैं। लोगों ने बताया कि गांव से गोहन थाने की दूरी मात्र आधा किलोमीटर है। लेकिन सूचना के बाद भी पुलिस एक घंटे तक नहीं पहुंची और आरोपी उसके साथ लगातार मारपीट करते रहे। प्रत्यदर्शी कमलेश परिहार का कहना है कि कहीं न कहीं पुलिस आरोपियों से मिली थी। गोहन से कासिमपुर के रास्ते में केवल दस मिनट लगते हैं। लेकिन जानकारी के बाद भी पुलिस वहां नहीं पहुंची। पुलिस का मौके पर न पहुंचना संदेह दर्शाता है। सूचना के एक घंटे बाद बाइक से दो पुलिस वाले पहुंचे और मौके के हालात देख पुलिस वालों न एसओ को सूचना दी। इसके बाद पहुंची थाना प्रभारी सहित टीम ने उसे छुड़ाया और आरोपियों को थाने ले गई।
वर्जन
कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी द्वारा मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई। साथ ही हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने पर थाना प्रभारी व हल्का इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय कार्रवाई की जाएगी।