उरई। छह वर्ष पहले किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहमद कमर ने दोषी को बीस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चालीस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
माधौगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि नाबालिग बेटी को धनौरा थाना ककरवई जिला झांसी निवासी बंटी अपने साले पहरा, झांसी निवासी छोटू के साथ 9 जून 2019 को ले गया था। महिला की तहरीर पर पुलिस ने छोटू और एक अज्ञात के खिलाफ अपहरण सहित पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी। रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी पाकर किशोरी अपने घर आ गई। फिर परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। बताया कि वह अपनी मर्जी से बंटी के साथ झांसी गई थी। वहां वह दोनों पति पत्नी बनकर रहे थे। दोनों ने आपस में संबंध भी बनाए थे। लेकिन पुलिस ने पहले से दर्ज पॉक्सो एक्ट व किशोरी को ले जाने के मामले में बंटी को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। पुलिस ने बंटी के खिलाफ कोर्ट में दुष्कर्म अपहरण सहित अन्य धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था। छह साल चले ट्रायल के बाद मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहमद कमर ने बंटी को दुष्कर्म, अपहरण व पॉक्सो में दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई है।