एट (जालौन)। पत्नी के मायके से वापस न आने पर युवक ने कमरे बंद होकर फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह जब पिता जगाने पहुंचे तो बेटे को फांसी पर लटका देख हड़कंप मच गया। चीख पुकार सुनकर परिजन एवं मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एट थाना क्षेत्र के ग्राम पचोखरा में सौरभ (26) पुत्र सीताराम वर्मा ने अपने कमरे में गमछे का फंदा बनाकर फांसी लगाकर जान दे दी। जब सुबह पुत्र को जगाने के लिए पिता उसके कमरे में गए तो पुत्र को फांसी पर लटका देखा तो चीख पड़े। चीख-पुकार सुनकर परिजन व मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए और पुलिस को सूचना दीष परिजनों ने पुलिस व पत्नी को सूचना दी। पिता ने कहा कि 15 महीने पहले पुत्र की शादी झांसी निवासी नीलम से की थी और तीन माह पहले बहू नीलम के लड़का हुआ था।
कुछ दिनों बाद नीलम अपने पुत्र के साथ मायके चली गई थी। पुत्र सौरभ वर्मा दिल्ली में रहकर एक फैक्टरी में सिलाई का काम कर रहा था। कोरोना महामारी फैलने की वजह से पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन की वजह से वह अपने घर आ गया था और कई बार पत्नी नीलम को घर आने के लिए कहा। लेकिन किसी कारण बहू आने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। इसलिए वह परेशान भी रहता था और हो सकता है पत्नी के न आने की वजह से पुत्र ने यह कदम उठाया हो। वहीं थानाप्रभारी निरीक्षक विनोद पांडेय का कहना है पत्नी मायके में रह रही थी। इसी के चलते युवक ने आत्महत्या की है। फिलहाल जांच पड़ताल की जा रही।
बेटे को अपनी गोद में भी नहीं खिला पाया
सौरभ और नीलम की शादी होने के कुछ माह बाद सौरभ दिल्ली की एक फैक्टरी में काम करने के लिए चला गया था और शादी के करीब डेढ़ साल बाद पत्नी नीलम के लड़का हुआ था जिसकी जानकारी सौरभ को फोन से दी गई थी। तभी कोरोना महामारी फैलने की वजह से लॉकडाउन लग गया और सौरभ दिल्ली में फंस गया किसी तरह वह अपने घर पर आया लेकिन उसके पहले पत्नी नीलम अपने पुत्र को लेकर मायके चली गई और इस वजह से सौरभ अपने बेटे को अपनी गोद में भी नहीं खिला सका।