फोटो - 32 गर्मीं अधिक होने से तालाब में बीच में विचरण करतीं बतखें। संवाद
फोटो - 33 अधिक गर्मी के कारण पानी शरीर पर डालता युवक। संवाद
रातें हुईं बेहाल, दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, खेतों में काम ठप, अस्पतालों में बढ़े गर्मी के मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
उरई। गर्मी ने इस बार अप्रैल में ही विकराल रूप धारण कर लिया है। रविवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया जबकि रात का तापमान भी 30 डिग्री के करीब दर्ज किया गया। हाल यह है कि दिन ही नहीं, रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। तेज धूप और उमस ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
दोपहर के समय शहर की प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा पसरा नजर आता है। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी दोपहर के वक्त रौनक गायब है। गर्मी से बचने के लिए लोग घरों में ही रहना बेहतर समझ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल उठाने का काम लगभग ठप हो गया है। किसान सुबह जल्दी या शाम को ही खेतों में काम कर पा रहे हैं। दोपहर में लू के कारण खेतों में जाना जोखिम भरा हो गया है।
गर्मी का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है। जिला अस्पताल और सीएचसी में उल्टी, चक्कर, बुखार और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खासतौर पर बच्चे और बुजुर्ग अधिक प्रभावित हो रहे हैं। रविवार को जिला अस्पताल के इमरजेंसी में 30 से अधिक उल्टी-दस्त के मरीज पहुंचे। वहीं मेडिकल कॉलेज में यह संख्या दो गुनी हो गई। वहां करीब 50 मरीज पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में बिना काम के निकल रहे लोगों को अधिकांश यह समस्या हो रही है।
डॉक्टर की सलाह:
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अवनीश बनौधा का कहना है कि इस समय लू का खतरा काफी बढ़ गया है। उन्होंने लोगों को दोपहर 12 से शाम चार बजे तक धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है। बाहर निकलते समय सिर को कपड़े या टोपी से ढकना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस घोल का सेवन करना जरूरी है। हल्का और सुपाच्य भोजन लें और तली-भुनी चीजों से दूरी बनाए रखें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, क्योंकि उनमें लू का खतरा अधिक रहता है।
बिजली-पानी की बढ़ी मांग
भीषण गर्मी के चलते बिजली और पानी की खपत में भी तेजी से इजाफा हुआ है। कई इलाकों में पानी की किल्लत की शिकायतें सामने आने लगी हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही यह समस्या और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल तापमान में गिरावट के आसार नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की अपील की है। गर्मी के इस प्रकोप से बचाव ही फिलहाल सबसे बड़ा उपाय है।