कोंच। कस्बे के केलरगंज में बुंदेली संस्कृति एवं लोक कला संवर्धन संस्थान ने महामूर्ख सम्मेलन आयोजित किया। इस वर्ष वरिष्ठ गल्ला व्यापारी सुशील निरंजन मास्टर को महामूर्ख की उपाधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए और हास्य-व्यंग्य का खुशनुमा माहौल बना रहा।
दोपहर करीब 12 बजे गल्ला मंडी से मूर्खाधिराज की बरात निकाली गई। यह बरात गाजे-बाजे और डीजे की धुन के साथ मुख्य मार्ग से सम्मेलन स्थल तक पहुंची। मूर्खाधिराज एक बग्घी पर सवार थे और बराती नाचते-गाते आगे बढ़ रहे थे। रास्ते में कई स्थानों पर बरात का भव्य स्वागत किया गया।
पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने अपने आवास पर गुझिया-पपड़ियों की माला पहनाकर स्वागत किया।
सम्मेलन में विधायक मूलचंद्र निरंजन सहित कई गणमान्य व्यक्ति बराती के रूप में मंच पर मौजूद रहे। आयोजन समिति के सदस्यों ने मूर्खाधिराज और सभी अतिथियों का स्वागत किया। रंगकर्मी ध्रुव सोनी ने कार्यक्रम का संचालन किया। इसके बाद हास्य और प्रहसन का दौर चला। इसमें पुराने किस्से सुनाए गए।
शिक्षक कमलेश निरंजन और अन्य कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं का मनोरंजन किया। मूर्खाधिराज की बरात गल्ला मंडी से शुरू होकर केलरगंज स्थित सम्मेलन स्थल तक पहुंची। गाजे-बाजे और डीजे की धुन पर बराती नाचते-गाते चल रहे थे। बग्घी पर सवार मूर्खाधिराज का रास्ते में जगह-जगह स्वागत हुआ।
पालिकाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने अपने आवास पर गुझिया-पपड़ियों की माला पहनाकर उनका विशेष अभिनंदन किया। यह आयोजन कोंच की एक पुरानी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
मंच पर विधायक मूलचंद्र निरंजन, एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन और जेडीसी बैंक के निदेशक सुभाष उदय पिंडारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आयोजन समिति ने मूर्खाधिराज और सभी अतिथियों का स्वागत किया। हास्य और प्रहसन के दौरान मूर्खाधिराज से जुड़े मजेदार किस्से सुनाकर लोगों को खूब गुदगुदाया गया। अतिथियों ने कहा कि होली जैसे पर्व आपसी बैर-भाव भुलाकर खुशहाल जीवन जीने का संदेश देते हैं।
फोटो-17-मूर्खाधिराज की बारात में नाचते लोग। संवाद
फोटो-17-मूर्खाधिराज की बारात में नाचते लोग। संवाद