उरई। पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर जान देने वाली युवती नीशू के मामले में सहेलियों और आरोपी दरोगा से पूछताछ लगभग पूरी हो गई है। अब उन पुलिस कर्मियों से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया गया है, जो कि सूचना पर दरोगा के साथ न सिर्फ मोबाइल की दुकान पर गए थे बल्कि पूछताछ के दौरान भी कोतवाली के कमरे में मौजूद थे। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ अवधेश सिंह का कहना है कि एडीएम के नेतृत्व में कई अधिकारी मिलकर पूरी गंभीरता के साथ मामले की जांच कर रहे हैं, लिहाजा निष्पक्ष रिपोर्ट ही सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
बता दें कि शनिवार को रामनगर निवासी 21 वर्षीय युवती नीशू ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक दिन पहले शुक्रवार को ही पुलिस नीशू व उसकी दो सहेलियों को चोरी के शक में लेकर उरई कोतवाली आई थी, जहां पर तीनों से घंटों की पूछताछ की गई थी। परिजनों का आरोप था कि बेटी के साथ पहले दुकान पर छेड़खानी की गई फिर कोतवाली में लाकर पुलिस ने करीब आठ घंटे तक पूछताछ करते हुए बेटी को प्रताड़ित किया। जिस पर बेटी ने फांसी लगाई। प्रशासन पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच करा रहा है। जांच के दौरान अभी तक नीशू की सहेलियों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, दरोगा के भी बयान लेकर उसे लाइन हाजिर किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार अभी उन सिपाहियों के बयान भी होंगे, जो कि दबिश से लेकर पूछताछ तक में शामिल थे। इसके अलावा उन लड़कों के बारे में भी पता किया जा रहा है, जिन पर लड़कियों की फोटो खींचने का आरोप है। जांच अधिकारियों ने बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी देखे हैं।
पहले थाने आए अब बयान के लिए तलाश
परिजनों का आरोप है कि जिन लड़कों ने बेटी की तस्वीर मोबाइल की दुकान पर खींची थी, वे घटना वाले दिन कोतवाली तक भी आए थे, लेकिन चोरी की पूछताछ में व्यस्त पुलिस कर्मियों ने उन्हें कुछ भी नहीं कहा और अब उनकी शिनाख्त करने और उनका पता बताने की बात कर रही है।
पुलिस की सोशल मीडिया पर पेशबंदी
एक ओर जहां मामला शासन स्तर तक पहुंच रहा है तो वहीं पुलिस भी अपने बचाव का हर संभव प्रयास कर रही है। जिसके लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाया जा रहा है। किसी पोस्ट में नीशू की रिश्तेदार उसे चोर बता रही है तो कुछ पोस्ट आरोपी दरोगा योगेश के समर्थन में भी चल रही है।
सपाइयों ने दिया न्याय दिलाने का भरोसा
उरई। सपा का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को जिलाध्यक्ष नवाब सिंह यादव के नेतृत्व में नीशू के परिजनों से मिला और उन्हें भरोसा दिया कि उनके साथ हर स्तर की लड़ाई में पार्टी साथ है। इसके बाद सपाइयों ने एसपी से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की। इस दौरान पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, दयाशंकर वर्मा, तिलकचंद्र अहिरवार, वीरेंद्र सिंह यादव, जैनुल आब्दीन, सुरेंद्र बजरिया, जमालुद्दीन, हरमोहन यादव, महेंद्र कठेरिया, वेदप्रकाश यादव, भानु राजपूत, दीपराज गुर्जर, सुरेंद्र मौखरी, शबीउद्दीन, मानसिंह पाल, भानु वर्मा, कुसुम सक्सेना, फरहत उल्ला आदि शामिल थे।
बजरंगियों ने कैंडल मार्च निकालकर मांगा इंसाफ
कालपी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार की देर रात कैंडल मार्च निकालकर उरई में पुलिस प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर जान देने वाली दलित युवती नीशू को न्याय दिलाने की मांग की है। ज्ञात हो कि बीते दिनों पर्स चोरी मामले में आठ घंटे तक पूछताछ करने और पुलिस की पिटाई की क्षुब्ध होकर उरई रामनगर निवासिनी नीशू ने आत्महत्या कर ली थीं। सोमवार की देर रात बजरंग दल के जिला सहसंयोजक दीपक शर्मा ने नेतृत्व में बजरंग दल के पदाधिकारियों ने नगर में कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने नीशू को न्याय दिलाने की मांग की है। इस दौरान हर्ष विश्नोई, पीयूष रायकवार, दीपांकर गुप्ता, अवधेष सोनी, प्रखर गुप्ता, ओमजी शुक्ला, छोटू तिवारी, राजदीप गुप्ता, गगन सिंह आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।