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Jalaun News: डकैती के आरोपी को रिमांड पर लेकर पुलिस ने बरामद किए आभूषण

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फोटो -20 लक्ष्मीकांत। स्रोत पुलिस
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कोंच। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिमिरिया में जन्माष्टमी की रात बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर तमंचे के बल पर हुई डकैती के मामले में पुलिस ने न्यायालय से रिमांड पर लिए गए आरोपी की निशानदेही पर आभूषण बरामद किए हैं। इसके बाद आरोपी को दोबारा जेल भेज दिया गया। मामले में तीन आरोपी पहले ही मुठभेड़ में गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक अब भी फरार है।
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जन्माष्टमी की रात सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी रघुवीर अहिरवार के घर नकाबपोश बदमाशों ने धावा बोला था। बदमाशों ने रघुवीर और उनकी पत्नी सिमकुरा को बंधक बनाकर उनके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था और हाथ-पैर बांध दिए थे। इसके बाद घर में रखे बक्सों से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लूट ली थी। बदमाश बुजुर्ग महिला की नाक से सोने की कील और पैरों से पायल भी उतार ले गए थे।

घटना के दो दिन के भीतर पुलिस ने रवि अहिरवार निवासी गांधीनगर कोंच, जमील अहमद निवासी कांशीराम कॉलोनी कोंच और पड़ोसी प्रमोद उर्फ चीकू निवासी सिमिरिया को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। मुठभेड़ के दौरान रवि के पैर में गोली लगी थी। वहीं, लक्ष्मीकांत और शिवम फरार हो गए थे। बाद में लक्ष्मीकांत ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था।
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कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निगवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर लक्ष्मीकांत को नौ घंटे की रिमांड पर लिया गया था। उसकी निशानदेही पर डकैती का माल बरामद कर लिया गया है। आरोपी को जेल भेज दिया गया है। फरार शिवम निवासी दतिया की तलाश की जा रही है।

नौ घंटे की रिमांड में बरामद हुए आभूषण

मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने लक्ष्मीकांत को न्यायालय से नौ घंटे की रिमांड पर लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर पंचानन चौराहे के आगे कोंच-नदीगांव रोड स्थित बाईपास के एक प्लॉट से छह चांदी के लच्छे, चार चांदी के सिक्के और एक जोड़ी पायल बरामद की गई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपने हिस्से में मिली नकदी खर्च कर दी थी।

खुलासे से पहले एसओजी टीम के साथ घूमता रहा था लक्ष्मीकांत

कोंच। सिमिरिया डकैती कांड में आरोपी लक्ष्मीकांत पुलिस को गुमराह करने के लिए घटना के खुलासे से पहले एसओजी टीम के साथ ही घूमता रहा था। वह पुलिस के साथ जांच और खुलासे में जुटा नजर आता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। एक बार वह खुद पुलिस चौकी भी पहुंचा था। पूछताछ के लिए बुलाए गए एक व्यक्ति को भी अपने साथ ले गया था।

बताया जाता है कि जब पुलिस की जांच में शक की सुई लक्ष्मीकांत की ओर घूमी तो उसे इसकी भनक लग गई। इसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस ने मुठभेड़ में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया तो लक्ष्मीकांत पर भी शिकंजा कसने लगा। बाद में उसने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अब पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर उसकी निशानदेही पर डकैती का माल बरामद किया है। फरार आरोपी शिवम की तलाश जारी है। (संवाद)
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