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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चार प्रत्याशियों ने किया नामांकन

Mon, 22 Aug 2016 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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जुलूस के साथ नामांकन करने जाती सुमन निरंजन - फोटो : अमर उजाला
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हो रहे उप चुनाव में सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण माहौल में प्रत्याशियों ने चार नामांकन दाखिल किए। 11 बजे से नामांकन जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई जो दोपहर बाद तीन बजे तक चली। चार बजे तक नामांकन फार्मों की जांच पड़ताल की गई। सोमवार को सबसे पहले निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर
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पहाड़गांव से जिला पंचायत सदस्य सुमन निरंजन ने अपने समर्थकों के साथ पहला सेट जमा किया। इसके बाद वह दूसरा सेट जमा करने जुलूस के साथ पहुंचीं। इस दौरान रविंद्र सिंह हरौली, रामकुमार गुप्ता, शीलू गौतम एट, राम सिंह चौहान आदि साथ रहे। इसके बाद ऐरे जिला पंचायत सदस्य पत्नी संध्या यादव पत्नी सुरेंद्र मौखरी ने नामांकन किया। इस दौरान

नम्रता तिवारी प्रस्तावक व अशोक  कुमार समर्थक रहे। पूर्व ब्लाक प्रमुख सुदामा दीक्षित, राहुल, आनंद ठाकुर, पूर्व नगर अध्यक्ष शफीकुर्रहमान कश्फी के अलावा बड़ी संख्या समर्थक व कई पूर्व पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा से अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर गढ़र क्षेत्र से सदस्य व भाजपा नेता जेपी गौतम की पत्नी अर्चना गौतम ने नामांकन दाखिल किया।
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सदस्य पुष्पेंदर सिंह सेंगर व बालकदास पाल प्रस्तावक रहे। जिलाध्यक्ष उदयन पालीवाल, सांसद भानुप्रताप वर्मा, रामेंद्र सिंह बनाजी, उर्विजा दीक्षित, देवेंद्र राठौर, संजीव उपाध्याय, अनिल बहुगुणा, अन्नू शर्मा, अक्षय त्रिपाठी, सोनू मिश्रा आदि मौजूद रहे। भाजपाई एक जुलूस के साथ आगे बढ़े और जय श्री राम का उदघोष करते हुए कलक्ट्रेट में प्रवेश हुए।

आखिर में सपा की घोषित प्रत्याशी आशना खातून ने नामांकन किया। पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी के आवास से बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ जुलूस के रूप में नामांकन के लिए रवाना हुए। सदस्य दीपराज गुर्जर व राधा अनुरागी समर्थक व प्रस्तावक रहे। जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह यादव, पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी, प्रदीप दीक्षित, चौधरी धीरेंद्र यादव,

प्रलुव्य निरंजन, जयशंकर द्विेदी, डा. महेश द्विेदी, लाखन सिंह कुशवाहा, विष्णुपाल सिंह गुर्जर आदि रहे। आरओ संदीप कौर, एआरओ आनंद कुमार ने नामांकन पत्रों की जांच की जो सही पाए गए। इसके बाद प्रत्याशियों के हस्ताक्षर के बाद सूची चस्पा कराई गई।

सुरक्षा के रहे तगड़े इंतजाम
नामांकन के दौरान कोई गड़बड़ी न हो इसलिए सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए थे। सोमवार को जब नामांकन शुरू हुआ तो कलक्ट्रेट में पीएसी से लेकर स्थानीय पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद रही। एएसपी शकील अहमद, सीओ जंगबहादुर सिंह लगातार राउंड लेते रहे।

सत्तादल के आगे बेबस नियम
निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन दाखिल करने के लिए जा रहे प्रत्याशियों के साथ एक प्रस्तावक, एक समर्थक समेत पांच लोगों को ही प्रवेश दिया जा रहा था। हर आने जाने वाले पर नजर थी। बीजेपी से अधिकृत प्रत्याशी से लेकर सपा के बागी प्रत्याशी या फिर निर्दलीय प्रत्याशी ये नियम हावी रहा। जब सपा से घोषित प्रत्याशी नामांकन करने पहुंची तो सारे नियम कायदे टूट गए। आरओ कक्ष में प्रत्याशी के अलावा बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे।

फोटो नंबर-30-सुरेंद्र मौखरी
सपा के असली नकली का होगा फैसला- सुरेंद्र

उरई(जालौन)। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए हो रहे उप चुनाव में समाजवादी पार्टी मे बगावत के स्वर फूट पड़े हैं। पार्टी की ओर से घोषित प्रत्याशी के खिलाफ में नामांकन करने वाली संध्या मौखरी के पति पूर्व जिला पंचायत सदस्य सपा नेता सुरेंद्र यादव मौखरी ने कहा कि असली और नकली का फैसला इस चुनाव में हो जाएगा। बाहरी को थोपा जा रहा है जिससे कार्यकर्ता आक्रोशित हैं। पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए वह चुनावी मैदान में आए है। वे पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रांतीय व राष्ट्रीय नेतृत्व को गुमराह किया गया है। यही वजह है कि बाहरी को प्रत्याशी बना दिया गया। जिसे प्रत्याशी बनाया है उसके पति और परिवार का पार्टी में कोई योगदान नहीं है। पार्टी के कार्यकर्ताओं को पार्टी के ही कुछ लोगों ने नीचा दिखाने का काम किया है। जब पार्टी में सत्ता में नहीं थी तो लाठियां हमने खाईं। हमारे ऊपर मुकदमे दर्ज हुए। संध्या मौखरी ने कहा कि उनका लक्ष्य जनपद का विकास और पार्टी को बचाना है।
बताते चलें कि बबीना उपचुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई घटना के बाद ही पार्टी में विरोध के स्वर फूट पड़े थे। मुकदमा दर्ज कराने के पीछे वाले नेता के चेहरा से पर्दा उठा तो विरोध और बढ़ गया। अध्यक्ष पद के उप चुनाव में ये बात सामने भी आ गई। ऐसा नहीं है कि इस बात की सूचना प्रदेशीय नेतृत्व को न दी गई हो लेकिन इसके बाद भी अंतर्कलह को दूर कराने का प्रयास नहीं किया। 
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