उरई। मेडिकल कालेज में मरीजों की सांसें अब ऑक्सीजन की कमी नहीं नहीं उखड़ेगी। करीब दो करोड़ की लागत से ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो गया है। उसका ट्रायल चल रहा है। बुधवार को जिले की प्रभारी मंत्री नीलिमा कटियार भी प्लांट का निरीक्षण करेंगी।
कोरोना काल में ऑक्सीजन की किल्लत से प्रदेश में हाहाकार मचा रहा था। ऑक्सीजन की हाहाकार के बाद सरकार ने प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की थी। उसके तहत जिले में मेडिकल कालेज में दो और एक प्लांट सीएचसी कोंच में स्थापित किया जा रहा है।
मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन प्लांट के प्रभारी डॉ प्रशांत निरंजन बताते है कि प्लांट तैयार हो गया है। ट्रायल जारी है। इसमें रोजाना 200 बड़े सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। जिससे कॉलेज के 300 बेड पर ऑक्सीजन की समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा वार्डों में भी ऑक्सीजन सिलिंडर भरे जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि 600 सिलिंडर की मेडिकल कालेज में व्यवस्था है। 200 सिलिंडर जितनी सप्लाई देने का प्लांट तैयार हो गया है। साथ ही 200 सिलिंडर जितनी सप्लाई वाला प्लांट अगले महीने तैयार हो जाएगा। इस तरह कुल एक हजार सिलिंडर की क्षमता मेडिकल कालेज में हो जाएगी।
सीधे मरीज के बेड पर होगी ऑक्सीजन सप्लाई
इस प्लांट के जरिये 300 बेडों तक ऑक्सीजन की सीधी सप्लाई पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पाइप लाइन डाल दी गई है। पाइप लाइन के माध्यम से मरीजों के बेड तक ऑक्सीजन पहुंचती रहेगी। ऑक्सीजन आपूर्ति निर्बाध जारी रहे। इसके लिए पूरी व्यवस्था कर दी गई है।
लगातार हो रही थी ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की मांग
मेडिकल कालेज में ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली झांसी की संस्था ने भी ऑक्सीजन समस्या को लेकर हो रही किल्लत के दौरान हाथ खड़े कर दिए थे। हालत यह हो गई थी कि डीएम ने संस्था के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे। हालांकि बाद में हमीरपुर, कानपुर आदि स्थानों से किसी तरह ऑक्सीजन की सप्लाई हुई थी। तब से लगातार ऑक्सीजन प्लांट की मांग हो रही थी।