फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुराने बड़े नोट बदलने के लिए चौथे दिन रविवार को बैंकों में उमड़ी दोगुनी भीड़

Sun, 13 Nov 2016 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
विज्ञापन
स्टेट बैंक परिसर में सर्वर जाने के बाद मौजूद खातेधारक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा पांच सौ और हजार के नोट बंद करने के बाद पुराने नोटों को बदलने के लिए रविवार को लगातार चौथे दिन भी बैंकों में भीड़ उमड़ पड़ी। छट्टी का दिन होने से शुक्रवार और शनिवार की अपेक्षा दोगुनी भीड़ बैंकों और पोस्टआफिसों के बाहर दिखाई दी। शनिवार को एसबीआई के बाहर हुई तोड़फोड़ के मद्देनजर सभी बैंकों के बाहर पुलिस के तगड़े
विज्ञापन


इंतजाम किए गए थे। वहीं माधौगढ़ व कालपी के कदौरा में भी पुलिस सतर्क रही। यहां एक दिन पूर्व लोगों ने बैंकों के बाहर हंगामा किया था। दोपहर 12 बजे के बाद बैंकों का सर्वर बंद हो जाने से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। बड़े नोटों का चलन बंद करने के फरमान के पांचवे दिन रविवार को भी शहर में सभी बैंक शाखाएं खुलीं। इस दौरान रविवार होने

की वजह से बैंकों में भीड़ भी आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा रही। सुबह से बैंकों में लाइनें लगनी शुरू हो गईं। वहीं, शहर में स्टेट बैंक की सभी शाखाओं में दोपहर 12 बजे से सर्वर फेल हो जाने से कोई काम नहीं हुआ। इससे रुपये के लिए बैंक पहुंचे लोगों को मायूस होना पड़ा। सभी बैंकों में महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ देखी गई।  
विज्ञापन


सर्वर ठप होने से बढ़ी परेशानी  
छुट्टी होने केे चलते बैंकों से रुपये बदलने व जमा करने के लिए लोगों की भारी भीड़ सुबह से ही पहुंचनी शुरू हो गई। बैंकों के सामने कतारों में खडे़ महिला, पुरुषों को उम्मीद थी कि रविवार को छुट्टी का दिन होने के चलते वे अपने रुपयों को बदलने की समस्या को आसानी से सुलझा लेंगे। इस दौरान उनके हाथ निराशा ही लगी। दोपहर 12 बजे से बीएसएनएल

का सर्वर ठप पड़ गया। इससे जनपद की स्टेट बैंकोें की शाखाओं में कामकाज ठप्प हो गया। इसके चलते लाइन में लगे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान कुछ लोग लौट गए तो कुछ सर्वर आने के इंतजार मेें शाम चार बजे तक बैंक के बाहर डटे रहे।

झांसी-उरई के बीच आया फाल्ट
स्टेट बैंक मुख्य शाखा के प्रबंधक रविरंजन वर्मा ने बताया कि झांसी उरई के बीच कहीं लाइन में फाल्ट हो गया है। इससे बीएसएनएल की कनेक्टिविटी नहीं मिल पा रही। इससे स्टेट बैंक की सभी शाखाओं समेत जिन अन्य बैंकों में बीएसएनएल का सर्वर है, वहां का कार्य प्रभावित हुआ है। मौके पर मौजूद बीएसएनएल अधिकारियों से बराबर संपर्क में हैं और पब्लिक में आक्रोश न फैल सकेे। इसके लिए पुलिस की व्यवस्था भी अतिरिक्त कर ली गई।

मंडलायुक्त से बताई समस्या
विकास भवन में मतदाता पुनरीक्षण कार्य को जांचने पहुंचे मंडलायुक्त राममोहन राव को वहां स्थित इलाहाबाद बैंक के बाहर खड़े लोगों ने घेर लिया। घंटों से लाइन लगाए मजदूर, व्यापारी और अन्य लोगों ने मंडलायुक्त से दवा की दुकानों से लेकर निजी अस्पतालों तक कहीं भी पांच सौ व हजार के नोट के न चलने की शिकायत की। वहीं, शहर केे किसी बैंकों

केे एटीएम के चालू न होने की भी शिकायत की। कहा कि बैंक अधिकारी बड़े उद्यमियों और सेठ साहूकारों के पैसे बदल रहे हैं जबकि गरीबाें के घंटों तक लाइन में लगने के बावजूद उनके पैसे नहीं बदले जा रहे। लोगों ने कहा कि जनपद में इस समय बुवाई का समय है। किसान डीजल, खाद, बीज पानी के लिए पैसों का इंतजाम करने में परेशान हो रहा है। लोगों ने

मांग की कि बैंकोें के एटीएम शीघ्र शुरू करवाए जाएं। आयुक्त ने सीओ जंगबहादुर से कहा कि दवा की दुकानों पर जाकर देखें कि दुकानदार आखिर मरीजों को बडे़ नोटों से दवा क्यों नहीं दे रहे हैं। ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करने के उन्होंने आदेश दिए।

महिलाओें, बुजुर्गों व विकलांगों को तरजीह नहीं
शहर की बैंक शाखाओें में सुबह से लगे बुजुर्ग, महिलाएं, छोटे बच्चों को गोद में लेकर लाइन में लगी महिलाओं, विकलांगों को भी कोई तरजीह नहीं दी जा रही है। बैकों के बाहर धूप में लाइन में लगे लोग छाता लगाकर खड़े दिखाई पड़ रहे हैं। वहीं, भूख, प्यास से बेहाल लोग किसी तरह बिस्कुल खाकर दिन भर लाइन में खड़े रहने को मजबूर दिखे। वहीं, बुजुर्गों को भी लाइनों में बैठे देखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें