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Jalaun News: पचास किमी दूर मिला युवक का शव, मासूमों का पता नहीं

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उरई। दो मासूम बच्चियों को यमुना में फेंककर कूदे युवक का तीसरे दिन पचास किलोमीटर दूर शव पड़ा मिला है। मासूमों का कोई पता नहीं लगा है। उधर, जानकारी के बाद भी पत्नी ससुराल नहीं पहुंची है।
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रामपुरा थाना क्षेत्र के मढ़ेपुरा गांव निवासी रज्जन निषाद (35) मजदूरी करता था। परिजनों ने बताया कि रक्षाबंधन के कुछ दिन पहले उसका पत्नी शारदा देवी से विवाद हो गया। इस पर पत्नी ने औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के बड़ेरा गांव निवासी पिता सुआलाल व मां निर्मला को फोन कर बुला लिया था। माता-पिता शारदा को लेकर बेटियों को रज्जन के पास छोड़कर चले गए।
रविवार की रात दोनों के बीच फोन पर विवाद हुआ था। सोमवार की सुबह करीब दस बजे वह बड़ी बेटी सुनैना (7), अला (5) व बाबू (2) को बाइक पर बैठाकर थाना क्षेत्र के यमुना स्थित जुहीखा पुल पर पहुंचा और सुनैना को यमुना में फेंकने का प्रयास किया तो वह हाथ झटककर भाग गई। इसके बाद उसने अला व बाबू को नदी में फेंक दिया और खुद भी छलांग लगा दी।
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बुधवार की दोपहर रज्जन का शव सिरसाकलार के खड़गुईं पुल के पास यमुना नदी किनारे मिला। पुलिस ने जेब में पड़े आधार कार्ड से रामपुरा पुलिस को सूचना दी। पिता लालता ने शव की पहचान बेटे रज्जन के रूप में की। शव बुरी तरह फूल चुका है। पुलिस का कहना है कि तेज बहाव होने के चलते वह यहां तक बहकर चला आया। टीमें दोनों मासूमों को खोजने में लगी हैं।







तीन दिन बाद भी पत्नी नहीं पहुंची ससुराल
घटना के बाद परिजनों ने मायके के बाद गुजरात गई शारदा को इसकी जानकारी दे दी थी, लेकिन तीन दिन बीतने के बाद भी पत्नी ससुराल नहीं पहुंची है। उसके मायके पक्ष से भी कोई व्यक्ति अभी तक मढ़ेपुरा गांव नहीं आया है। लोगों का कहना है कि कोई महिला इतनी कठोर कैसे हो सकती है, कि तीन दिन से उसकी दो मासूम व पति लापता है, लेकिन इसके बाद भी उसका दिल नहीं पसीजा। थाना प्रभारी रजत कुमार सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी के घरवालों को घटना की जानकारी दे दी गई है, लेकिन अभी तक कोई नहीं पहुंचा।




दादी के गले से लिपट कर सिसक रही मासूम सुनैना
पिता व छोटी बहनों के घर में दिखने पर सुनैना रह रह कर दादी कमला देवी के गले से लिपटकर रोने लगती है। रात में उठकर पिता व बहनों को पुकारते हुए रोने लगती हैं। दादी ने बताया कि नातिन की यह हालत देख चिंता हो रही हैं। सुनैना न तो कुछ खा रही हैं और न ही किसी से बात कर रही हैं। तीन दिन से घरवाले भूखे प्यासे बिलख रहे हैं। यह सब देखने से पहले उसे मौत ही आ जाती।
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