खेत में मौजूद स्पेन टीम के सदस्य।
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इफ्को के सीनियर मैनेजर रजनीश पांडेय, चीफ एरिया मैनेजर आरएन उपाध्याय ने बताया कि स्पेन का प्रतिनिधि मंडल एट में होने वाली मटर की फसल से काफी प्रभावित था। प्रधिनिधि मंडल ने खुद ही खेतों पर जाकर हरी मटर की फसल को देखने और किसानों से बात करने की इच्छा जताई। इस पर उन्हें खेतों पर ले जाया गया। जहां काफी देर तक प्रतिनिधि मंडल ने मटर की फसलों को देखा और इफ्को के अधिकारियों से इतनी बढ़िया फसल कैसे पैदा की जाती है इसकी जानकारी ली।
इफ्को के अधिकारियों ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि मटर के लिए उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके अलावा एट की मिट्टी और उस पर किसानों का पसीना यह सब मिलकर मटर की मिठास को और बढ़ा देते है। स्पेन से आई टीम में एंजेल कैसटिलेजो, कांनगेलेडम डी, इनगो, एंटोन डायरेक्टर मार्केटिंग स्पेन, डेनियो पेमेंज, किमटोप, हैर्वट आदि मौजूद रहें। जबकि इफ्को की ओर से आकाश चौबे, परमेंद्र तोमर, भारत सिंह, रामसिंह, पवन पटेल, राजकुमार आदि लोग मौजूद रहे।
फसलों का नहीं मिलता उचित मूल्य
हालांकि विदेशियों और किसानों की भाषा में अंतर था। फिर भी कंपनी के लोगों की मध्य बातचीत भी हुई, इसमें किसानों ने स्पेन की टीम को बताया कि कुछ बिचौलियों के कारण उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। इस पर स्पेन की टीम के सदस्यों ने उन्हें उचित मूल्य दिलाने की बात कहीं।
इन किसानों को मिला सम्मान
गोष्ठी के दौरान इफ्को की ओर से बेहतर खेती करने वाले उन्नतिशील किसान रामसिंह गिरथान, उमाशंकर दीक्षित खरुसा, धनाराम यादव भरसूर, धीरु राजपूत ऐधा, भरत सिंह अमीटा को विशेष किट देकर सम्मानित भी किया गया।