चकरोड का निरीक्षण करते पूर्व कमिश्नर।
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ज्ञात हो कि चकरोड निर्माण के विवाद के बीच ही डीएम की ओर से लालू की सिफारिश करने की खबरों पर सीएम ने जांच बैठा दी थी। इसकी जांच तत्कालीन कमिश्नर अमित गुप्ता को मिली थी, पर एक दिन बाद ही उनका तबादला हो गया था। उसके बाद शनिवार को पूर्व कमिश्नर गुप्ता जज शिवपाल सिंह के पैतृक गांव शेखपुर खुर्द पहुंचे और पुराने और नए दोनों चकरोडों की पैमाइश कराई। पता चला कि जिस जगह नया चकरोड बनाया जा रहा है, वहीं चकरोड सरकारी अभिलेखों में दर्ज है। उक्त चकरोड पर आपत्ति जताने वाले नाथूराम, गुल मोहम्मद, गोपाल आदि की जमीन भी देखी।
पता चला कि परती की खाली जमीन पर कुछ लोगों ने फसल बो ली थी, पर जब उनसे आपत्ति के बारे में पूछा गया तो किसी ने भी आपत्ति नहीं जताई। उधर, जज के भाई सुरेंद्र पाल सिंह भी पैमाइश से संतुष्ट नजर आए। बताया कि जो नया चकरोड बन रहा है, वह सरकारी अभिलेखों के अनुसार ही बन रहा है। इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। इसके बाद भी पूर्व मंडलायुक्त ने प्राथमिक पाठशाला में चौपाल लगाकर सभी पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी। जिसमें सभी पक्ष पैमाइश व निकाले गए नए चकरोड से संतुष्ट नजर आए।
इस बाबत पूर्व कमिश्नर ने बताया कि उन्होंने जांच कर ली है, इसकी रिपोर्ट वह शासन को सौंपेंगे। इस मौके पर उरई एसडीएम अक्षय त्रिपाठी, जालौन एसडीएम भैरपाल सिंह, सीओ संजय शर्मा, तहसीलदार जितेंद्र पाल सिंह, बीडीओ मनोज कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी रमाशंकर प्रजापति के अलावा कानूनगो, लेखपाल व सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई
जालौन। शेखपुर खुर्द गांव में पहुंचे पूर्व कमिश्नर से ग्रामीणों ने गांव तक पहुंचने में रोड बनवाने की मांग की। ज्ञात हो कि उक्त गांव में रोड बनवाने को लेकर वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में वोटिंग करने का बहिष्कार किया गया था, परंतु इसके बाद भी उक्त गांव आज तक सड़क से वंचित हैं।